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सलोनी अरोड़ा 11 साल से कर रही थी ब्लैकमेल, पहले 25 लाख मांगा, फिर एक करोड़ और आखिर में 5 करोड़ मांगने लगी

महिला पत्रकार सलोनी अरोड़ा कितनी बड़ी ब्लैकमेलर थी, इसका अंदाजा इस बात से हो जाता है कि उसने भास्कर के ग्रुप एडिटर कल्पेश याग्निक से पहले पच्चीस लाख रुपये की मांग की. जब ये रुपए मिलने वाले थे तो उसने डिमांड एक करोड़ रुपये की कर दी. एक करोड़ देने की जब तैयारी की जाने लगी तो वह पांच करोड़ रुपये मांगने लगी.
पांच करोड़ की डिमांड देखकर कल्पेश याग्निक ने पैसे देने से मना कर दिया. सलोनी अरोड़ा ग्यारह साल से कल्पेश याग्निक को ब्लैकमेल कर रही थी. ये सारे खुलासे पुलिस जांच में हुए हैं. सलोनी अरोड़ा फिलहाल भागी हुई है. मुंबई वाले उसके फ्लैट का ताला तोड़कर पुलिस ने पासपोर्ट जब्त कर लिया है.
सलोनी मुंबई के शास्त्रीनगर इलाके में रहती है. इंदौर पुलिस जब वहां पहुंची तो वह दिल्ली भाग गई. पासपोर्ट जब्त करने के बाद उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है. सलोनी को अंदाजा था कि पुलिस उसके मोबाइल फोन के आधार पर उसका लोकेशन निकाल कर छापा मार सकती है. इसलिए उसने फोन अपने कमरे में ही चार्जिंग में लगा कर छोड़ दिया और खुद दिल्ली भाग गई.
यही कारण है कि पुलिस सलोनी के फोन पर कॉल करती तो रिंग तो जाती लेकिन कोई फोन नहीं उठाता. जब उसके फ्लैट का सेंट्रल लॉक तोड़कर पुलिस ने अंदर प्रवेश किया तो पाया कि फोन तो चार्जिंग में लगा है. ब्लैकमेलर सलोनी ने मोबाइल और सिम दोनों फर्जी नाम पर ले रखे थे. पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि वह सुबह ही निकल गई थी.
पुलिस को पता चला है कि सलोनी दिल्ली में एक फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर से मिली है और दोनों के विदेश भागने की आशंका है. इसी कारण रात में ही सलोनी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवा दिया गया. सलोनी कल्पेश याग्निक को परिवार बर्बाद करने की धमकी देती थी. मांग पूर्ण न करने और उसकी शर्तों पर नौकरी पर वापस न लेने पर मरने पर विवश करने की बात कहती थी. वह कल्पेश याग्निक की पत्नी को जानकारी देने और झूठा केस करने की धमकी देकर तंग करती थी. कल्पेश याग्निक के भाई और परिवार को आडियो व वीडियो का लिंक भेजकर दबाव बनाती थी.
सलोनी कल्पेश याग्निक को 11 वर्षों से प्रताड़ित कर रही थी. उसने शुरुआत में 25 लाख की मांगे. आश्वासन मिलते ही मांग 1 करोड़ कर दी. रकम देने की बात चल रही थी तभी सलोनी ने 5 करोड़ की मांग कर दी. ये राशि सुनकर कल्पेश ने रुपए देने से इनकार कर दिया. सलोनी ने कल्पेश के भाई को वॉयस रिकॉर्डिंग वाट्सएप करना शुरू कर दिया. वह आडियो लिंक भेजकर लिखती थी कि मैं बम भेज रही हूं. ओपन करने पर अपशब्द मिलते थे. रिकॉर्डिंग से बचने के लिए वाट्सएप कॉलिंग करती थी.
डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र का कहना है कि गिरोह में तीन अन्य लोग भी शामिल हैं. उनके खिलाफ साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं.
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