Sakshatkar.com - Filmipr.com - Worldnewspr.com - Sakshatkar.org

गली गली दल्ले



गली   गली दल्ले। . थोड़ा लिखने में अजीब  और भद्दा लगता है।  लेकिन ये कटु सत्य है  अब तो छोटे   और बड़े शहरों में दल्ले हर गली नुक्कड़ पर नजर आ जाते है।  चाहे वो कोई जगह हो।   ये  बड़े बड़े शॉपिंग माल ,  चाय - काफी की दूकान  पर नजर आ जायेगे।  इनके वादे  बड़े बड़े होते है। इनकी दूकान शाम होते ही सज जाती है।  मगर  ये दल्ले जेब से  हलके होते है। चाय का पैसा इनकी जेब से कोसो दूर दूर होता है। वो आपकी चाय और काफी पर चुस्की मारेंगे  और आपको ही  टोपी पहनाकर चले जायेगे।  इनका मकसद लोगो को चूना  लगाना होता है।  थोड़ा सा सावधान  हो जाये।  खैर आगे पढ़े पूरी खबर जल्दी ही। . 

No comments:

Post a Comment