कुछ बाते हजम नहीं होती है मगर सच हो सकती है। .

कुछ बाते हजम नहीं होती है मगर सच हो सकती है।  बहुत सारे लोग अपनी अपनी स्टोरी  सुनाते  है हमने ये किया वो किया। . आज कल तो सबूत चलता है भाई।  मुंबई में आपके काम  का   क्रेडिट लेने वाले बहुत बुग्गे घूमते रहते है।  खासतौर से बॉलीवुड में ये ही चल रहा है।

 सत्रह साल से  मीडिया  में काम करते रहने से  सब कुछ समझ में आने लगा है।  कौन चु  बना रहा है और कौन बन रहा है।  मेरे पास हर रोज ढेरो फ़ोन आते है।  जिसमे नई  नई  योजना पर प्रकाश डाला जाता है।  सच ये है ये सब मुझे चू  समझते है।

भाई ऐसा नहीं  है।  दिमाग थोड़ा है मेरे पास भी ,तभी इतने सालो से चल रहा  हू ।  नहीं तो केम्पा में घोल कर पीने वाले बहुत मिले।  हर रोज मिलते ही रहते है।  क्या करे काम ही कुछ ऐसा है। . इसलिए थोड़ा से सोच समझ कर  चलो भाई लोगो। .


एडिटर
सुशील  गंगवार
साक्षात्कार डाट काम

कुछ बाते हजम नहीं होती है मगर सच हो सकती है। . कुछ बाते हजम नहीं होती है मगर सच हो सकती है। . Reviewed by Sushil Gangwar on July 08, 2017 Rating: 5

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