ऑप्शन ही ऑप्शन हैं फैशन इंडस्ट्री में, आइये तो सही....

 
आई एन आई एफ डी इंटरनेशनल फैशन इंस्टिट्यूट बांद्रा

 
फैशन डिज़ाइनिंग को आम तौर पर कॅरियर का एक आप्शन भर माना जाता है. जबकि ऐसा नहीं है, दरअसल यह एक ऐसी कला है जो ड्रेस और एक्सेसरीज़ की मदद से किसी इंसान की लाइफ स्टाइल को सामने लाती है.

देश में बहुत से फैशन डिज़ाइनिंग इन्स्टिट्यूट है, जहां आप अपने हुनर को और भी अधिक बढ़ा सकते है, उन्ही में से एक बांद्रा स्थित आई एन आई एफ डी इंटरनेशनल फैशन इंस्टिट्यूट जहां आप सेलिब्रिटी से लेकर बड़े बड़े फैशन डिज़ाइनर आपको फैशन के टिप्स साझा करते नज़र आएंगे। इस वर्ष आई ेएन आई ऍफ़ डी बांद्रा के छात्र और छात्राएं २ जून २०१७ वाइब्रेंस वार्षिक फैशन शो कार्यक्रम में कुछ अहम् मुद्दों पे प्रकाश डालेंगे जैसे ग्लोबल वार्मिंग, समुद्री जीवन रक्षण, वैश्या वृत्ति पर रोक, जानवरों का शोषण , नस्लवाद, देशभक्ति,स्तन कैंसर, वायु प्रदुषण, एड्स की रोकथाम महिलासशक्तिकरण, ट्रैफिक इत्यादि संवेदनशील तत्वों को प्रकाशित कर पोशाकों को इसी विषय पर फैशन शो में प्रस्तुत किया जायगा।


अहमियत रंग और बुनावट की यदि किसी को टेक्सटाइल, पैटर्न, कलर कोडिंग, टेक्सचर आदि का अच्छा ज्ञान हो तो फैशन डिज़ाइनिंग को कॅरियर के रूप मे अपनाने मे उसे बिल्कुल हिचकना नहीं चाहिए. उसकी सफलता को कोई गुंजाइश नहीं रह जाती और उसका नाम फैशन इंडस्ट्री मे तहलका मचा सकता है. खासकर भारत जैसे देश में जहाँ के फैशन मे पश्चिमी सभ्यता का भी संगम है, और इसी मिलन ने फैशन इंडस्ट्री को एक नयी दिशा और पहचान दी है. फॅशन डिज़ाइनिंग मे रंगों के संयोजन और कपड़े के आधार पर उसकी बुनाई का बड़ा महत्व है. एक तरह से ये ही फैशन डिज़ाइनिंग का सार है.

मौसम के साथ बदलता है फैशन का भी मिजाज यह भी ज़रूरी है की इसे पूरी विधि के साथ संपूर्ण किया जाए. प्लान तैयार करके, ब्लू प्रिंट्स ड्रॉ करने के बाद ही फाइनल आउटकम प्राप्त होगा. डिज़ाइन की सफलता स्वाभाविक रूप से उसकी फिनिशिंग फैशन डिज़ाइनिंग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ये है कि फैशन किसी ना किसी थीम पर निर्भर करता है. जैसे: मौसम, लोगों की पसंद विशेष आदि. अगर आपने गौर किया हो तो फैशन प्रमुखत: मौसम के अनुसार होता है. उदाहरण के लिए सर्दी के मौसम मे आपको उसी के अनुरूप रंग और फैब्रिक देखने को मिलेगा. इसके साथ ही ऊनी कपड़े, पोलो नेक, नीले और ब्राउन देखने को मिलेंगे. इसके विपरीत गर्मियों में आपको कैज़ुअल, कॉटन और सफ़ेद रंग मिलेंगे.

चौकन्ना बनिए, क्या है इन और क्या है आउट! फैशन कभी भी स्थाई नही होता है. समय के साथ इसमे परिवर्तन होते रहते हैं. वर्तमान ने स्पेगेटी का फैशन गया और हॉल्टर नेक्स चल रहे हैं. स्कर्ट चलन में हैं और पैंटसूट्स का दौर जा चुका है. इसीलिए परिवर्तन की गति को देखते हुए, इस फील्ड मे आने वाले हर इंसान को चौकन्ना रहना होगा. और इस बात के लिए कि क्या पहना जाना चाहिए और क्या नही? फैशन का प्रमुख केंद्र सेलिब्रिटीज़, सोशलाइट्स, मॉडल्स आदि रहे हैं. ग्लैमर है तो चुनौती भी कम नहीं... कुल मिलकर फैशन डिज़ाइनिंग बहुत ही चुनौती भरा और ग्लैमर से भरपूर भरा व्यवसाय है, जिसमे राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर आयोजन होते हैं. जैसे: आईएमजी फैशन वीक, लक्मे फैशन वीक आदि. 

ऑप्शन ही ऑप्शन हैं फैशन इंडस्ट्री में, आइये तो सही.... ऑप्शन ही ऑप्शन हैं फैशन इंडस्ट्री में, आइये तो सही.... Reviewed by Sushil Gangwar on May 27, 2017 Rating: 5

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