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Thursday, 13 April 2017

वायस आफ लखनऊ और कौमी खबरों के प्रकाशक डा. अखिलेश दास इतनी जल्द चले जाएंगे, किसी ने सोचा न था

लखनऊ। मीडिया जगत से जुडे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डा. अखिलेश दास के निधन पर उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने गहरा शोक व्यक्त किया है. अखिलेश दास ने विराज प्रकाशन के जरिये “जनसत्ता एक्सप्रेस” नाम के अखबार की शुरुआत की थी. जनसत्ता एक्सप्रेस का लखनऊ से प्रकाशन बंद होने के बाद उन्होंने हिन्दी दैनिक वायय आफ लखनऊ व उर्दू् दैनिक कौमी खबरों का प्रकाशन किया जो अब भी अनवरत् जारी है. श्री दास इतनी जल्द दुनिया से चले जाएंगे, किसी को तनिक आशंका न थी.
उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष दीपक अग्निहोत्री एचं प्रान्तीय महामंत्री रमेश चन्द जैन ने डा0 दास के निधन पर  गहरा शोक व दुख व्यक्त किया है. लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला व कार्यवाहक अध्यक्ष भारत सिंह ने डा0 दास के निधन को पत्रकारिता जगत में अपूरणीय क्षति बताया है. वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार, प्रमोद गोस्वामी, वीर विक्रम बहादुर मिश्र, वीरेन्द्र सक्सेना, सहित संगठन के सैकडो पत्रकारों ने डा0 दास के निधन पर शोक व गहरी संवेदना व्यक्त की है.
डा. अखिलेश दास के पिता बाबू बनारसी दास यूपी के मुख्यमंत्री रहे. अखिलेश दास लखनऊ के मेयर रहे, फिर लगातार 3 बार 18 साल राज्यसभा सांसद रहे और केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में स्टील मंत्री रहे. बाद में वे बसपा में शामिल हो गए. बसपा सुप्रीमो मायावती पर टिकट के लिए पैसा मांगने का आरोप लगा कर बसपा छोड़ दी. इसके बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अखिलेश दास की कांग्रेस में वापसी हुयी.
लखनऊ में बाबू बनारसी दास एजुकेशन ट्रस्ट के जरिये कई कालेज और विश्वविद्यालय बनाया. लखनऊ में बैडमिन्टन एकेडमी की स्थापना, भारतीय बैडमिन्टन संघ के अध्यक्ष और भारत में इन्डियन बैडमिन्टन लीग की शुरुआत की थी.
Sabhar- Bhadas4media.com

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