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Saturday, 29 April 2017

न्यूज़18 हिंदी को भास्कर बनाने पर तुले निधीश त्यागी,बीबीसी का भी किया था कबाड़ा


अबतक आईबीएनखबर के नाम से सफलता के झंडे गाड़ रहे आईबीएन7 न्यूज चैनल की जबसे री-ब्रांडिंग हुआ है और लीडरशिप बदली है। तब से न्यूज 18 हिंदी का बेड़ा गर्क होने लगा है। इसकी हालत को सुधारने के लिए जिस बड़े नाम नीधीश त्यागी को लाया गया था, वो अपना रिटायरमेंट प्लान सेट करने और तीन-पांच करके अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं। हालात ये हैं कि जिस नीधीश त्यागी को एडिटर(लैंगुएज) बनाकर वेबसाइट के कंटेंट को बेहतरीन बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, साथ ही फ्रीहैंड दिया गया था। उसी नीधीश त्यागी की लाई पूरी टीम अब न्यूज18 हिंदी का बेड़ा गर्क करने में लगी है।


nidhish tyagi journalist

न्यूज18हिंदी का कबाड़ा निकाल रहे नीधीश त्यागी, भास्कर की राह चला न्यूज18

अज्ञात कुमार-
अबतक आईबीएनखबर के नाम से सफलता के झंडे गाड़ रहे आईबीएन7 न्यूज चैनल की जबसे री-ब्रांडिंग हुआ है और लीडरशिप बदली है। तब से न्यूज 18 हिंदी का बेड़ा गर्क होने लगा है। इसकी हालत को सुधारने के लिए जिस बड़े नाम नीधीश त्यागी को लाया गया था, वो अपना रिटायरमेंट प्लान सेट करने और तीन-पांच करके अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं। हालात ये हैं कि जिस नीधीश त्यागी को एडिटर(लैंगुएज) बनाकर वेबसाइट के कंटेंट को बेहतरीन बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, साथ ही फ्रीहैंड दिया गया था। उसी नीधीश त्यागी की लाई पूरी टीम अब न्यूज18 हिंदी का बेड़ा गर्क करने में लगी है।
न्यूज 18 हिंदी अबतक साफ सुथरी खबरिया वेबसाइट के तौर पर जानी जाती थी। जयदीप कार्णिक के आने के साथ जो धार और धमक आईबीएनखबर को मिली थी, वो अब लगातार कुंद होती जा रही है। भास्कर का जिक्र इसलिए भी बार बार हो रहा है, क्योंकि नीधीश त्यागी और अजय शर्मा की अगुवाई में आई नई टीम न्यूज18हिंदी को भास्कर की राह पर सॉफ्ट पोर्नॉग्राफी और बकवास कंटेंट से भर रही है।
न्यूज18 हिंदी में नेटवर्क18 यानि अंबानी के पैसों पर नोएडा से हैदराबाद तक लंतरानी की जा रही है। यहां हिट्टस का दबाव डाला जा रहा है, पर कंटेंट कैसा हो। इसकी चर्चा तक नहीं की जा रही। यही नहीं, अडाणी-अंबानी-मोदी-आरएसएस-भाजपा-केजरीवाल-आम आदमी पार्टी की खबर छापने से पहले दस बार सोचते हैं। रोज चार बार एडिटोरियल मीटिंग होती है, जिसमें सिर्फ समय खराब होता है। पहले उसी समय में 10 खबरें हो जाती थी, और अब सिर्फ प्लानिंग होती है।
खास बात ये है कि हायरिंग के नाम पर लगातार ये लोग बेहूदा सवाल करते हैं। पहले जिनको हायर किया उनका टेस्ट तक नहीं हुआ। और अब सभी को टेस्ट के नाम पर बुलाते हैं और टहलाकर वापस भेज देते हैं। यहां सिर्फ पैरवी पर ही लोग लाए जा रहे हैं। उसमें भी एक खास विचारधारा ( कम्नियूस्ट) के लोगों को भरते जा रहे हैं।
न्यूज 18 हिंदी में काम करने लायक माहौल तक नहीं रह गया है। कई पुराने और लंबे समय से काम कर रहे लोग इस्तीफा देकर चले गए। उन्हें रोकने के लिए प्रलोभन भी दिया जा रहा था, पर लोग उनके साथ काम करना पसंद नहीं कर रहे।
दरअसल, यहां लोग भास्कर, बीबीसी और लल्लनटॉप जैसी मानसिकता वाले ही भरे हैं। यही वजह है कि कंटेंट साफ सुथरे की जगह सेमी पॉर्न बनकर रह गया है।
अब जरा इस हेडलाइन और कंटेंट के साथ ही तस्वीर पर नजर डालें। एक मासूम रीडर शायद इस मक्कारी से अनजान ही होगा…
Sabhar- mediakhabar.com

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