झारखंड की महिलाओं को निगल रहा है ‘काला जादू’


Details Published on 07/07/2016 13:13:20 Written by Ranjeet Kumar

577e081819694_jharkhand.jpg
मंगरी मुंडाईन उर्फ करूंगा देवी का जीवन ठीक-ठाक चल रहा था. गरीबी थी लेकिन बुजुर्ग दंपत्ति परिवार इज्जत से दो जून की रोटी कमा खा रहा था. तीन साल पहले एक दिन अचानक उसकी जिंदगी में अंधेरा छा गया. गांव के कुछ लोगों ने उसके पति पर डायन-बिसाही होने का आरोप लगाकर उसकी हत्या कर दी. पिछले तीन साल से इसी गम में जी रही मंगरी मुंडाईन की भी विगत 27 मई की रात को ‘कालू जादू’ करने का आरोप लगाकर मार डाला गया. घटना राजधानी रांची से सटे खूंटी जिले के अटकी थाना क्षेत्र के बोहंडा गांव के टोला लुकुददा की है.

असल में टोला के ही गांगू मुंडा की पत्नी बीमार हो गई थी. गांगू मुंडा ओझा के पास पहुंचा, जिसने गांगू को बताया कि उसकी पत्नी को मंगरी ने अपनी डायन विद्या से बीमार कर दिया है. बस फिर क्या था, इसके बाद गांगू ने गांव के ही अपने साथियों के साथ मिलकर मंगरी मुंडाईन की पीट-पीट कर हत्या कर दी. मंगरी को निवस्त्र कर घसीटा गया. कुछ दिन पहले ही इसी तरह की एक और घटना घटी. पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र की महुअरी पंचायत स्थित विश्रामपुर गांव में ग्रामीणों ने एक महिला पर डायन-बिसाही का आरोप लगाते हुए उसे तीन दिनों तक बंधक बना कर रखा. इस दौरान उसे कई तरह की यातनाएं दी गई. उसके बाल भी काटे गए. जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसे मुक्त कराया. झारखंड की यह ऐसी कुप्रथा है, जिसकी कालिख को यह राज्य आज तक नहीं धो पाया है.

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर महिलाएं धन-जायदाद की वजह से डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के जरिए हिंसा की शिकार हो रही हैं. अधिकतर मामलों में कमजोर और दलित-आदिवासी महिलाओं को उनके ही सगे-संबंधी और समाज के लोगों द्वारा निशाना बनाया जाता है. गांव की विधवा और बुजुर्ग औरतें डायन प्रथा की सर्वाधिक शिकार हो रही हैं. विधवा या फिर ऐसी महिलाएं जिन्होंने शादी नहीं की है और जिनके पास जमीन-जायदाद है, उनकी जमीन-जायदाद हथियाने के लिए भी सगे संबंधी या पड़ोस के लोग डायन-बिसाही प्रथा का कुचक्र रच कर उसे मार डालते हैं. इसमें गांव के ओझा-गुनी का सबसे बड़ा हाथ होता है जो आपसी मिलीभगत से पैसे के लिए किसी महिला को डायन और काला जादू करने वाला ठहरा देते हैं, जिसके बाद पीड़ित की हत्या कर दी जाती है. गांव में किसी के भी बीमार होने या फिर अचानक मौत होने का दोषी इन्हें ही ठहरा दिया जाता है और फिर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है.

एक बार डायन-बिसाही ठहराए जाने पर उसका सामाजिक बहिष्कार हो जाता है. कोई उनसे बात नहीं करता. गांव में होने वाले किसी कार्यक्रम में उसे आमंत्रित नहीं किया जाता है. झारखंड में ऐसी हजारों महिलाएं हैं; जो हर दिन इस तरह की त्रासद जिंदगी जी रही हैं. एसोसिएशन फॉर सोशल एंड ह्यूमन अवेयरनेस, आशा द्वारा झारखंड के 75 पंचायतों के किए गए सर्वेक्षण में यह भयावह स्थिति सामने आई कि सिर्फ इन्हीं पंचायतों में ही वैसी महिलाओं की संख्या लगभग 280 के करीब है, जिन्हें डायन-बिसाही कह कर प्रताड़ित किया जा रहा है. झारखंड में कुल मिलाकर 4423 पंचायतें मौजूद हैं. इससे प्रदेश में डायन कहे जाने की कुप्रथा किस हद तक फैली है, यह समझा जा सकता है. सामाजिक संस्था आशा द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के खूंटी, रांची, गुमला, लोहरदगा, सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, लातेहार, पलामू हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा, बोकारो जैसे जिलों में डायन-बिसाही कुप्रथा का प्रभाव ज्यादा है. रिपोर्ट के मुताबिक हर गांव में चार से पांच महिलाओं पर डायन होने का आरोप है. स्थिति की भयावहता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि राज्य में 1991 से मार्च 2016 के बीच डायन-बिसाही या काला जादू के इल्जाम में कुल 1585 हत्याएं हुई हैं.

कानून क्या कहता हैः-
डायन ठहरा कर हत्या कर देना एक संज्ञेय अपराध है. यह गैरजमानती है. झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक में तीन जुलाई 2001 को डायन प्रथा निषेध अधिनियम 1999 को अंगीकृत किया गया. इसके तहत धारा- 3 में किसी को डायन कहने पर तीन महीने का कारावास या 1000 का जुर्माना अथवा दोनों है. धारा-4 में किसी को डायन ठहरा कर प्रताड़ित करने पर छह माह तक कारावास अथवा 2000 तक जुर्माना अथवा दोनों है. इस दिशा में कार्यरत कई संगठन कानून में संशोधन की मांग कर रहे हैं. सामाजिक संगठनों द्वारा शिक्षा व जागरूकता आदिवासी महिलाओं की संपत्ति में हिस्सा देने, समुचित स्वास्थ्य सुविधा, ओझा व गुनी पर कानूनी तौर पर रोक लगाने की मांग की जा रही है.
- लेखक झारखंड के ब्यूरो चीफ हैं। संपर्क- 9525484730
Sabhar--http://www.dalitdastak.com/news/women-under-threaten-kala-jadu-in-jharkhand-1647.html


झारखंड की महिलाओं को निगल रहा है ‘काला जादू’ झारखंड की महिलाओं को निगल रहा है ‘काला जादू’ Reviewed by Sushil Gangwar on July 08, 2016 Rating: 5

No comments

Post AD

home ads