मेरी तमन्ना राजनीति में जाकर समाज सेवा करना है। . फिल्म निर्देशक -- पायल कश्यप

मेरी तमन्ना  राजनीति में जाकर समाज सेवा करना है। . फिल्म निर्देशक -- पायल कश्यप 

मेरी फिल्मी करियर की शुरुआत एक्ट्रेस के तौर  पर हुई। . फिर मै धीरे धीरे डायरेक्शन में आ  गई।  जो कुछ सीखा है वो खुद ही सीखा है ।

 कही से भी मैंने एक्टिंग और डायरेक्शन की ट्रेनिंग नहीं ली।  मुझे अपना काम देख कर सकून  मिलता है।  चलो मैंने कुछ फिल्मो  के लिए  काम  किया है।

अब तक पच्चीस वीडियो  एलबम्स , और तीन फिल्म डायरेक्ट कर चुकी हु।

जिसमे  भोजपुरी फिल्म आखियो बसल तोरी सूरतिया , बड़का छटका , हंटरवाली  और एक तेलगु फिल्म काल भैरब  कर चुकी हु।  अभी कुछ शार्ट फिल्म , थैंक्स पापा , गंगोत्री और फैक्ट्री कर रही हु।

मुझे ख़ुशी हो रही  है बताते हुए ,मैंने एक फिल्म एक और चंद्रमुखी  एक्ट्रेस के रूप में कर रही हु।  मेरा डायरेक्शन से कोई मोह भंग नहीं हुआ है  एक्टिंग के जरिये कुछ नया करना चाहती हु। मुझे एक अवार्ड  बेस्ट डायरेक्टर  वृतिचित्र  भारत रतन राजीव  के लिए मिल चुका  है।

देखिये फिल्म ट्रेनिंग लेना जरुरी है  और नहीं भी।  अगर आप किसी डायरेक्टर के साथ मिलकर काम करते है तो काफी कुछ सीख लेते है।  अगर आपको कोई अच्छा संस्थान मिल जाता है कोई कोर्स करने में कोई बुराई नहीं है।

यह इंटरव्यू एडिटर सुशील गंगवार ने न्यूज़ पोर्टल साक्षात्कार डॉट काम के लिए है।  





मेरी तमन्ना राजनीति में जाकर समाज सेवा करना है। . फिल्म निर्देशक -- पायल कश्यप मेरी तमन्ना  राजनीति में जाकर समाज सेवा करना है। . फिल्म निर्देशक -- पायल कश्यप Reviewed by Sushil Gangwar on April 06, 2015 Rating: 5

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