मेरे जख्म खुद बोलते है।

मेरे जख्म  खुद बोलते है।

धीरे धीरे हर राज को खोलते है। ....

सुशील 
मेरे जख्म खुद बोलते है। मेरे जख्म  खुद बोलते है। Reviewed by Sushil Gangwar on November 17, 2014 Rating: 5

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