मुलायम के मायने



डॉ. राम मनोहर लोहिया की समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने वाले, हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति अगाध निष्ठा का भाव रखने वाले, धर्म, जाति, संप्रदाय से इतर मनुष्य को मनुष्य समझने वाले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेता जी श्री मुलायम सिंह यादव के व्यक्तित्व, राजनीतिक जीवन के बहाने संपूर्ण सामाजिक-राजनैतिक परिदृश्य को केंद्र में रख कर पेशे से पत्रकार श्री दयानंद पांडेय ने ‘मुलायम के मायने’ पठनीय पुस्तक लिखी है।
श्री दयानंद पांडेय प्रखर पत्रकार होने के साथ-साथ विचारशील कथाकार भी हैं। कहानियां-उपन्यास लिखना उन की ‘पीड़ा को स्वर’ देने की प्रतिबद्धता है। उन की लगभग ढाई दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। अनेक रचनाओं का भोजपुरी, अंग्रेजी, पंजाबी, उर्दू आदि में अनुवाद भी हुआ है। वे एक सजग एवं जिम्मेदार पत्राकार हैं। उन्होंने ‘मुलायम के मायने’ पुस्तक में निष्पक्षता के साथ नेता जी के संबंध में अनेक ऐसे तथ्य उल्लिखित किए हैं जिस ओर सामान्यतः लोगों की दृष्टि नहीं जाती है। इस लिए वे बधाई के पात्रा हैं। इस पुस्तक की भाषा उन की कहानी-उपन्यास में प्रयोग की जाने वाली भाषा से भिन्न है। यहां वे समाज के सामने नेता जी के संबंध में एवं भारतीय राजनीति के ऐसे बिंदु उठाना चाहते हैं जहां से भविष्य के प्रस्थान बिंदु निर्धारित हुए हैं। मैं ‘मुलायम के मायने’ पुस्तक के प्रकाशन पर श्री दयानंद पांडेय को अग्रिम बधाई देना चाहता हूं, साथ ही मुझे पूर्ण विश्वास है कि नेता जी श्री मुलायम सिंह यादव के अनछुए पहलुओं से परिचित कराने वाली यह पुस्तक रचनाकार को यथेष्ठ मान-सम्मान, लोकप्रियता दिलाने में सक्षम सिद्ध होगी। अनेक शुभकामनाएं।
- उदय प्रताप सिंह
कार्यकारी अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान , लखनऊ
मुलायम के मायने मुलायम के मायने Reviewed by Sushil Gangwar on October 20, 2014 Rating: 5

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