बलात्कार ..ब्लैकमेल नही होते


बलात्कार ..ब्लैकमेल नही होते

यारों की महफ़िल में ...ज्यादा शराब पीने के बाद जब उसकी नशे में तबियत ख़राब होने लगी तो देर रात वो मेजबान के घर ही सो गयी.
सुबह नशा उतरा और चाय पीने के बाद वो इत्मीनान से घर चली गयी.
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सुबह नशा उतरने पर नही बल्कि घंटो बाद घर जाने पर उसे याद आया की शायद उसके साथ बलात्कार हुआ. ऐसा लगा जैसे बलात्कार हुआ हो. अगर ऐसा लग रहा था ..तो पुख्ता करने के लिए वो अपनी डाक्टरी करा सकती थी. डाक्टरी से शर्म आ रही थी तो नहाने से पहले अपने अन्त्वस्त्र बचा कर रख लेतीं. कुछ दिनों बाद बलात्कार का आरोप लगाते वक़्त यही अन्त्वस्त्र साक्ष्य के तौर पर काम आते. लेकिन संदेह होने पर भी..असमंजस की स्थिति में भी उन्होंने कोई मेडिकल साक्ष्य साथ नही रखे.
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मित्रों खोजी रिपोर्टिंग के लम्बे करीयर में.. ये पहली घटना देखकर मै हैरान हूँ. यहाँ बलात्कार presume किया जा रहा है. होश आने के कई घंटो बाद एहसास हो रहा है की बलात्कार हुआ. नशा भी है और एहसास भी. याद भी है याद नही भी है. बलात्कार के बाद भी बलात्कारी से संपर्क हो रहा है और संपर्क तोड़ने की बात भी हो रही है . रिपोर्ट लिखाने की बात भी हो रही है और नही लिखाने के कारण भी बताए जा रहे हैं. क्या ये लक्ष्ण बलात्कार की पीडिता के हो सकते हैं या किसी ब्लैकमेल के ?
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बलात्कार का कलंक पहले दबी जबान में लगाया गया. फिर दोस्तों के ज़रिये. और फिर कुछ दिनों बाद एक चुने हुए वक़्त पर एक टीवी चैनल पर इस कलंक को सार्वजनिक करके खुर्शीद अनवर पर टीवी स्क्रीन से गोलियों की बौछार कर दी गयी. जिंदगी भर औरतों के हक़ के लिए लड़ने वाले सामाज सेवक और १०० फीसदी सेकुलर कामरेड खुर्शीद अनवर को ये कलंक की गोलियां भीतर तक छलनी कर गयी. अगले दिन अपने दिल्ली के मकान से कूदकर उन्होंने खुदकशी कर ली.
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वो बलात्कार के पुख्ता सबूत नही दे सकी पर उसके कथित बलात्कारी ने अपने चरित्र के साथ हुए बलात्कार के सारे सबूत अपनी जान देकर दिए हैं. १६ दिसम्बर को एक बलात्कार दिल्ली के वसंत कुञ्ज में निर्भया के साथ हुआ था. साल भर बाद ठीक इसी दिन दिल्ली के इसी वसंत कुञ्ज इलाके में एक और बलात्कार हुआ. फर्क इतना ही था कि इस बार लोग बलात्कारी के लिए रो रहे थे.

बहनों आपकी इज्ज़त सर आँखों पर ..आपकी अस्मत के लिए इस भाई की जान हाज़िर है ...लेकिन याद्र रखियेगा बलात्कार ....ब्लैकमेल नही होते.

( खुर्शीद भाई आपसे मे कभी मिला नही पर जिन लोगों ने आपके दामन पर दाग दिए उनकी तरफ से माफ़ी.)
बलात्कार ..ब्लैकमेल नही होते बलात्कार ..ब्लैकमेल नही होते Reviewed by Sushil Gangwar on December 21, 2013 Rating: 5

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