Top Ad 728x90

  • Sakshatkar.com - Sakshatkar.org तक अगर Film TV or Media की कोई सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. आप मेल के जरिए कोई जानकारी भेजने के लिए mediapr75@gmail.com का सहारा ले सकते हैं.

Monday, 30 December 2013

पांच पांच सौ रुपये में बिके बनारस के इले‍क्‍ट्रानिक मीडिया के पुरोधा

वाराणसी।। पत्रकारिता मिशन नहीं बल्कि भीख और दलाली का पर्याय बनती जा रही है। इसकी बानगी बनारस के उमरहां में देखने को मिली। चौबेपुर के उमरहां स्थित स्‍वर्वेद मंदिर में एक धार्मिक आयोजन था। इस कार्यक्रम में राष्‍ट्रीय क्षेत्रीय स्‍तर के सभी इलेक्‍ट्रानिक मीडिया को बुलाया गया। एक बड़े टीवी चैनल के पत्रकार महोदय,एक नामी न्यूज एजेंसी के कैमरामैन व इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के भाई कवरेज के लिए बीस किलोमीटर दूर बाबा की बाइट लेने पंहुचे।
बाइट लेने के बाद तो डग्‍गमारी शुरू हुई। च्‍वयनप्राश मिला, डबल बेड का कंबल मिला। यहां तक तो सब ठीक था। डग्‍गामारी की अती तो जब हो गयी जब एक लाइन अलग लगी थी जिसमें लिफाफा मिल रहा था। उक्‍त सभी महानुभाव उस लाइन में लगे। खुशी-खुशी लिफाफा लिया। जब खोलकर देखा तो मात्र पांच सौ रूपये का नोट। बस फिर क्या था एक टीवी चैनल के पत्रकार आयोजकों से भिड़ गये और कहने लगे कि क्‍या भिखारी समझ रखा है पांच सौ रुपये दे रहे हो। 
इस पर बाबा के समर्थकों ने समझाया कि अभी इतने रखिये आगे कवरेज करेंगे तो और मिलेंगे। पूरे कांड की चर्चा बनारस के इलेक्‍ट्रानिक मीडिया में जमकर फैली है। महज 500 रूपये के लिफाफा लेने पर कुछ धिक्‍कार भी रहे हैं। लेकिन इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के ये पुरोधा कह रहे हैं कि विरोध वहीं कर रहे हैं जिनके लिए अंगूर खट्टे की कहावत लागू होती है।

sabhar- Bhadas4media.com

0 comments:

Post a Comment

Top Ad 728x90