अक्सर कवियों के मानधन को लेकर मोल भाव करते


कवि-सम्मेलन के आयोजक अक्सर कवियों के मानधन को लेकर मोल भाव करते हैं . इसलिए इस झंझट से मुक्ति पाने हेतु आज मैं अपनी अगली पोस्ट में सभी प्रचलित मंचीय कवियों की (fix rate) सूचि उनके मानधन के साथ प्रकाशित कर रहा हूँ ताकि लोग अपने बजट के हिसाब से अपनी टीम बना सकें .

इस प्रकाश्य सूचि में बजट के अलावा कौन कवि/कवयित्री कितनी देर सुनाते हैं व क्या सुनाते हैं, अपना सुनाते हैं या दूसरों का सुनाते हैं, दूसरों का सुनाते हैं तो किस किस का माल कहाँ कहाँ से उड़ा कर सुनाते हैं, इत्यादि की भी जानकारी दी जायेगी

यह नितान्त फोकटिया सेवा है जिसका लाभ कवि-सम्मेलन के आयोजकों के साथ साथ कवियों को भी होगा . परन्तु अगर किसी कवि/ कवयित्री को उनके नाम अथवा मानधन प्रकाशन में आपत्ति हो तो कृपया मुझे अवगत करा दें ........

-अलबेला खत्री
अक्सर कवियों के मानधन को लेकर मोल भाव करते अक्सर कवियों के मानधन को लेकर मोल भाव करते Reviewed by Sushil Gangwar on November 06, 2013 Rating: 5

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