यूपी में मोदी की भूमिका


000 Page 1 copyभारतीय जनता पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कानपुर रैली से प्रदेश में लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंकेंगे। प्रदेशभर में मोदी की नौ रैलियां होंगी और अंतिम रैली का आयोजन 25 दिसंबर को लखनऊ में होगा। लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि मोदी की रैलियों और नमो के उच्चारण से प्रदेश में पार्टी की हालत कितनी सुधर पाएगी। पिछले लोकसभा चुनाव में चौथे नंबर पर रहने वाली बीजेपी इस बार मोदी के नाम पर मिल रहे रिस्पॉन्स से गदगद है, लिहाजा अब उसका इकलौता एजेंडा मोदी के नाम का जाप करना और उनकी छवि दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाना बन गया है। इस दफा भाजपा नेता और कार्यकर्ता नमो के नाम और चेहरे के सहारे प्रदेश की आधी से ज्यादा सीटें जीतने को दावा कर रहे हैं। लखनऊ के भाजपा सांसद लालजी टण्डन के अनुसार भाजपा के पक्ष में अण्डर करंट बह रहा है। लेकिन यूपी और गुजरात की राजनीति में जमीन-आसमान का अंतर है। मोदी के दूत और प्रदेश प्रभारी अमित शाह को इस जटिलता का आभास हो चुका है। प्रदेश के गुटबाज और मठाधीश नेताओं के चलते मोदी प्रदेश में भगवा लहर चला पाने में कितना सफल हो पाएंगे ये देखना अहम् होगा। मोदी के यूपी से चुनाव लडऩे की चर्चा भी जोरों पर है लेकिन फिलहाल मोदी और उनके सलाहकार यूपी में मोदी की भावी भूमिका और संभावनाओं पर होमवर्क करने में जुटे हैं अर्थात यूपी में मोदी की भूमिका फिलवक्त क्लियर नहीं है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कहते हैं, भाजपा की रैलियां देश व प्रदेश में परिवर्तन की सूत्रधार बनेंगी। रैलियों में ऐतिहासिक भीड़ जुटेगी। बकौल बाजपेयी, बीजेपी और मोदी सभी राजनीतिक दलों के निशाने पर आ गए हैं। यही हमारी उपलब्धि है। उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय पार्टियों का गढ़ रहा है ऐसे में मोदी को यहां वोट पाने के लिए खासा परिश्रम करना होगा। हालांकि लोकसभा चुनाव के पहले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव भी हैं। जिससे जनता का मूड का पता चलेगा। लेकिन बड़ा सवाल मोदी की यूपी में भूमिका को लेकर है कि वो किस तरह यूपी का राजनीतिक गणित हल करेंगे और ज्यादा से ज्यादा सीटों पर कमल खिला पाएंगे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष फजले मसूद के अनुसार, आडवाणी की रथ यात्रा के दौरान देश में जो भगवा लहर बह रही थी उसके मुकाबले मोदी का असर 20 फीसदी भी नहीं है। मोदी सोशल मीडिया के नेता है और जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं उनमें से अधिकतर वोट डालने ही नहीं जाते हैं। प्रदेश में भाजपा पिछले काफी समय से बुरी स्थिति से गुजर रही है। पार्टी का वोट प्रतिशत और सीटें लगातार कम हो रही हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 47 सीटें पाकर तीसरे स्थान पर रही थी। मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के बाद से ही प्रदेश में नमो का उच्चारण ऊंचे स्वर में शुरू हो चुका है। वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप उपाध्याय के अनुसार, मोदी सामाजिक, सांप्रदायिक और सियासी धुव्रीकरण के प्रतीक नेता हैं, लिहाजा चुनावों के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर उथल-पुथल और समीकरणों के बदलाव तय हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि मोदी उस जमात को भाजपा के साथ निर्णायक स्तर पर जोडने में कितना कामयाब होंगे, जो महंगाई, भ्रष्टाचार, घोटालों और नीतियों के लकवेपन के कारण कांग्रेस-यूपीए सरकार से बेहद नाराज और मोहभंग की मुद्रा में है। उप्र कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के अनुसार, अंडर करंट डिस्करंट में बदल जाएगा।
मोदी की रैली से पूर्व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अलीगढ़ और रामपुर में रैली करके प्रदेश में चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने रैलियों की घोषणा की है। भाजपा नेतृत्व आशान्वित और उत्साहित हैं कि मोदी अरसे से प्रदेश में सीटों का सूखा झेल रही पार्टी का सूखा खत्म कर पाने में सफल होंगे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय पाठक के अनुसार, मोदी के नाम ने अरसे बाद पार्टी को एकजुट कर कार्यकर्ताओं को जूझने का मनोबल दिया है जिसका असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में जनाधार पाने के लिए फिलहाल मोदी की नौ रैलियों के आयोजन की बात कही है जिनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती हैं। कहा जा रहा है कि मोदी कि रैलियों के पीछे सामाजिक ताने बाने का विशेष ध्यान रखा गया है। रैलियां ज्यादातर उन्हीं जिलों में हैं जहां से इस समय कांग्रेस के सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं। इन रैलियों के जरिये मोदी कांग्रेस को उसके घर में ही घेरने का प्रयास करेगी। यूपी बीजेपी के एक नेता ने बताया कि पार्टी में निर्देश जारी हो चुके हैं कि इन सभी स्थानों पर भारी भीड़ जुटानी है ताकि राष्टï्रीय स्तर पर ये सन्देश जाए कि कांग्रेस से लोग ऊब चुके हैं। इन सभी जिलों में रैलियों को सफल बनाने के लिए बड़े छोटे सभी नेताओं ने कमर कस ली है। देखना ये होगा कि मोदी का ये शो कितना हिट होता है।
यूपी में मोदी की भूमिका यूपी में मोदी की भूमिका Reviewed by Sushil Gangwar on October 19, 2013 Rating: 5

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