पांच साल में जीरो से बढ़कर डेढ़ अरब हो गई पवन बंसल के कंपनी की हैसियत

चंडीगढ़। रेलवे में प्रमोशन को लेकर सीबीआई के हत्‍थे चढ़े घूसकांड के बाद धीरे-धीरे रेल मंत्री पवन बंसल के परिवार के अमीर बनने का सच भी सामने आने लगा है। जैसे-जैसे बंसल का राजनीतिक कद बढ़ता गया वैसे वैसे उनके परिवार की हैसियत और खजाना भी भरता गया। पत्‍‌नी मधु एवं पुत्र अमित व मनीष की हिमाचल प्रदेश स्थित दवा कंपनी थिऑन फार्मासुटिकल्स लिमिटेड ने मात्र पांच साल में अपना टर्न ओवर शून्य से बढ़ाकर 152 करोड़ रुपये कर लिया।
दवा कंपनी की स्थापना 2005 में हुई थी और 2007 तक इसका कारोबार शून्य था, लेकिन 2012 में पवन बंसल के संसदीय कार्यमंत्री, जल संसाधन मंत्री और रेल मंत्री बनने के बाद कंपनी का टर्नओवर उछलकर 152 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चंडीगढ़ में कंपनी रजिस्ट्रार के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, थिऑन के कमाई की शुरुआत 2008 में हुई। इस साल कंपनी का टर्नओवर 15.35 करोड़ था, जो अगले साल बढ़कर 41 करोड़ पहुंच गया। 2010 में कंपनी का र्टनओवर 62 करोड़, 2011 में 105 करोड़ और इस वित्तीय वर्ष रिकॉर्ड 152 करोड़ के आंकड़े को छू लिया।

दस्तावेज से यह भी पता चला है कि कंपनी के शुद्ध लाभ में भी पिछले पांच वर्षों में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2008 में थिऑन का शुद्ध लाभ 28 लाख था, जो पिछले साल तक बढ़कर 19. 5 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का प्लांट बद्दी में है और रजिस्टर्ड ऑफिस चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में है। कंपनी मुख्य रूप से एंटासिड, एंटीडिप्रेशेंट और एंटीडायबिटिक दवा बनाती है।

गौरतलब है कि घूसकांड में सीबीआई ने बंसल के दोनों बेटे और एक भतीजे की भूमिका की भी जांच कर रही है। थिऑन के अलावा भी बंसल के बेटों के पास तीन अन्य कंपनियां हैं। ये हैं इवा हेल्थकेयर, इसिस पैकेजिंग और बंसी रौनक एनर्जी। दस्तावेज में यह बताया गया है कि थिऑन सिप्ला, रैनबैक्सी, पिरामल, मैनकाइंड और टॉरेंड फार्मा जैसी कंपनियों के साथ कारोबार करती है लेकिन विस्तार से इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

थिऑन फार्मा का कारोबार मुख्य रूप से अमित और मनीष चलाते हैं लेकिन इसमें सबसे बड़ी शेयरधारक (4,06,500) बंसल की पत्‍‌नी मधु हैं। दस्तावेज के अनुसार मधु इवा हेल्थकेयर में भी निदेशक हैं। दस्तावेजों के अनुसार मधु इवा हेल्थकेयर में भी डायरेक्टर हैं। अमित दिल्ली पब्लिक स्कूल, मोहाली में निदेशक होने के साथ-साथ इस कंपनी में दूसरे बड़े शेयरधारक (4,0200) हैं। अमित की पत्‍‌नी मोनिका के पास भी थिऑन के एक लाख 5 हजार शेयर हैं।

उल्‍लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे में जीएम महेश कुमार को रेलवे बोर्ड का सदस्‍य बनाने के लिए रेलमंत्री पवन बंसल के भांजे ने दस करोड़ रुपये की डील की थी। कई दिनों की निगरानी के बाद सीबीआई ने बंसल के भांजे को नब्‍बे लाख रुपये के घूस के साथ रंगे हाथ अरेस्‍ट किया था। इसके बाद से ही पवन बंसल के साम्राज्‍य का खुलासा होना शुरू हुआ है। हालांकि घूसकांड के बाद भी कांग्रेस बंसल के साथ खड़ी है।
News.bhadas4media.com
पांच साल में जीरो से बढ़कर डेढ़ अरब हो गई पवन बंसल के कंपनी की हैसियत पांच साल में जीरो से बढ़कर डेढ़ अरब हो गई पवन बंसल के कंपनी की हैसियत Reviewed by Sushil Gangwar on May 06, 2013 Rating: 5

No comments