" विर्जिनिटी बिकाऊ है "

साहित्य संचय प्रकाशन से प्रकाशित होने वाली पुस्तक " विर्जिनिटी बिकाऊ है " का कवर आपके सामने है, अभी इसमें साहित्य संचय प्रकशन द्वारा सुधार होगा, आप अपने सुझाव हमें दे सकते है..
यह उपन्यास आपको कामयाबी तक ले जा सकता है, यह हकलाने वाले के लिए नयी रौशनी लेकर आएगा और इस उपन्यास में बिगडती हुई भारतीय संस्कृति और बढ़ रहे भ्रष्टाचार के बारे में भी इस उपन्यास में दर्शाया गया है, साथ में युवाओ के लिए रोमांस भी है. अभी तक आपने सिर्फ प्यार की गहराई को ही सुना होगा पर इस पुस्तक में आप दोस्ती की गहराई को दर्शाया गया है.

Bhagwant Anmol 
" विर्जिनिटी बिकाऊ है " " विर्जिनिटी बिकाऊ है " Reviewed by Sushil Gangwar on May 20, 2013 Rating: 5

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