ठाकरे परिवार की जड़ें कश्मीर में


नई दिल्ली. अब इस विवाद में कुछ विद्वानों की राय है कि ठाकरे परिवार जिस समाज से है उसकी जड़ें कश्मीर में रही हैं। कुछ इतिहासकारों ने दावा किया है कि ठाकरे परिवार के पूर्वज पटना से होकर बहने वाली पुनपुन नदी के तटीय इलाके के निवासी थे। ये लोग पुनपुन के आसपास वाले करीब 60 गांवों में रहते थे। इन लोगों की एकता अद्भुत थी जिससे मगध के तत्कालीन सम्राट महापद्मनंद भी घबरा गए।

कायस्‍थ सभा के इतिहास पर शोध कर रहे अरविंद चरण प्रियदर्शी ने अमर उजाला से कहा है कि किसी बात पर महापद्मनंद ने इन लोगों पर चढ़ाई कर दी। सम्राट की डर से ये लोग वहां से भागकर मध्य भारत, नेपाल, असम और कश्मीर चले गए। इन्हीं में से ठाकरे के पूर्वज भोपाल होते हुए चित्तौड़गढ़ से पुणे पहुंच गए।

दरअसल दिग्विजय ने बाल ठाकरे के पिता प्रबोधनकार ठाकरे की लिखी किताब का हवाला देते हुए कहा था कि ठाकरे परिवार बिहार के मगध से भोपाल गया और फिर वहां से चितौड़गढ़ होता हुआ पुणे के माधवगढ़ पहुंचा था। इसके बाद से ही ठाकरे परिवार की जड़ को लेकर विवाद पैदा हो गया है। कुछ विद्वानों की राय है कि ठाकरे परिवार जिस समाज से है उसकी जड़ें कश्मीर में रही हैं। इन जानकारों के अनुसार प्रबोधनकार ठाकरे ने भले ही लिखा हो कि ‘चांद्रसेनीय कायस्थ प्रभु’ समाज का ज्ञात इतिहास इसका मूल मगध में बताता है, लेकिन बात इससे भी आगे की है। ये लोग कश्मीर से बिहार और अन्य जगहों को गए थे।

प्रबोधनकार डॉट कॉम के संपादक सचिन परब के अनुसार दिग्विजय सिंह प्रबोधनकार ठाकरे की जिस किताब के हवाले से बातें कर रहे हैं, वह चांद्रसेनीय कायस्थ प्रभु समाज का इतिहास है। न कि ठाकरे परिवार का इतिहास। प्रबोधनकार ठाकरे ने कहीं नहीं लिखा कि उनका परिवार मगध (बिहार) से भोपाल, चित्तौड़, मांडगवढ़ से होता हुआ पुणे पहुंचा।

परब ने कहा है कि बीते सैकड़ों-हजारों वर्षों में पूरे महाराष्ट्र में अधिकांश जातियां बाहर से आई हुई हैं। अत: यहां हर कोई परप्रांतीय है। प्रबोधनकार ने अपनी आत्मकथा में परिवार के बारे में विस्तार से लिखा है। इसके अनुसार उनका जन्म पनवेल में हुआ था। यहीं उनकी चार पीढ़ियां हुईं। इससे पहले यह परिवार रायगढ़ के पाली में रहता था। इस प्रकार ज्ञात इतिहास में ठाकरे परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के पाली का है। जो प्रसिद्ध अष्टविनायक क्षेत्र में पड़ता है। इस गांव में आज भी ठाकरे के नाम का एक विशाल कुआं है।

sabhar- datelineindia.com


ठाकरे परिवार की जड़ें कश्मीर में ठाकरे परिवार की जड़ें कश्मीर में Reviewed by Sushil Gangwar on September 11, 2012 Rating: 5

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