पत्रकारिता पेशा नहीं, मिशन है: संजय राठी

संजय राय

जमशेदपुर। हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेशाध्यक्ष एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय सचिव संजय राठी ने मीडियाकर्मियों से शोषण के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। वे झारखंड के जमशेदपुर में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में बोल रहे थे। केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय मुख्य अतिथि और झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता राजेंद्र सिंह ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रज्ञान चौधरी, महासचिव रासबिहारी, पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रभु, डा.एनके त्रिखा, उपाध्यक्ष प्रसन्ना मोहंती, जितेंद्र अवस्थी, अशोक मलिक और झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेशाध्यक्ष रजत गुप्ता मौजूद थे। राठी ने कहा कि मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिया जाना प्रबंधकों की सोची समझी साजिश है ताकि मीडियाकर्मियों का निर्बाध शोषण जारी रह सके। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी है। उसकी भूमिका निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षीय विचारधारा को आगे बढ़ाकर समाज को निरंतर प्रगतिशील व गतिमान रखने में सहायक होती है।

संजय राठी ने कहा कि पेड न्यूज के कारण पूरा मीडिया कलंकित हुआ है। जिसके चलते आम जनमानस में मीडिया के प्रति विश्वास में भारी कमी आई है। इस कारण मीडिया गंभीर चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। जिसके प्रभाव से मीडियाकर्मी भी अछूते नहीं हैं। पत्रकारिता कोई व्यवसाय नहीं है बल्कि शोषक और शोषित का वह माध्यम है जो शोषक को उसकी हैसियत का आभास कराता है और शोषित को उसके अधिकार दिलाने का प्रयास करता है। उनके मुताबिक, विडंबना की बात यह है कि कुछ पत्रकारों ने इसे व्यवसाय समझ लिया है और उसके अनुरूप काम भी कर रहे हैं। बहुत कम लोग ऐसे बचे हैं जो स्वच्छ और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं। कहा कि पत्रकारिता को धर्म के रूप में स्वीकार और अंगीकार करने की आवश्यकता है। तभी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र सशक्त हो सकेगा। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश भर के सभी राज्यों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें हर राज्य इकाई के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने राज्यों में पत्रकारिता में आ रही मुश्किलों के बारे में बताएंगे।(प्रेस विज्ञप्ति)
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पत्रकारिता पेशा नहीं, मिशन है: संजय राठी पत्रकारिता पेशा नहीं, मिशन है: संजय राठी Reviewed by Sushil Gangwar on September 10, 2012 Rating: 5

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