इंदौरमें पहली बार इस वर्ष 900 पीएच-डी होगी



लोकल इंदौर 24 सितम्बर । देवी अहिल्या विश्‍वविद्यालय के इतिहास में पहली बार इस वर्ष अंत से 900 शोधार्थी पीएच-डी कर अपने नाम के आगे डाक्टर लिख सकेंगे सकेंगे। इसके लिए प्रवेश परीक्षा में भी अनुमानत: ढाई हजार से अधिक विद्यार्थी बैठ सकेंगे। एकेडमिक गतिविधियों को कॅरियर बनाने, नाम के आगे डॉक्टर लिखने, दूसरों से अलग दिखने व अपने रोजमर्रा के काम के साथ कुछ विशेष करने के कारण पीएच-डी का चलन बढ़ रहा है।
इस बार यूजीसी ने हर गाइड (टीचर) को 6 की जगह 8 सदस्य (शोधार्थियों) को पीएच-डी के लिए पंजीयन व मार्गदर्शन की अनुमति दी है। विवि के करीब 15 विभागों में पीएच-डी होती है। इनमें व विवि से संबद्धता वाले कॉलेजों के गाइड भी पीएच-डी करा सकेंगे। विवि से मिली जानकारी के अनुसार नवंबर के पहले सप्ताह में प्रवेश परीक्षा होगी। फिर गाइड संबंधित शोधार्थी को गाइड कर पीएच-डी के लिए पढ़ाई, शोध, रिपोर्ट, फील्ड वर्क, दौरा आदि करा सकेंगे। इस बार एक सेमेस्टर की अवधि छह माह तथा शोधार्थी का संबंधित गाइड के यहां या विवि के संबंधित विभाग में आना अनिवार्य किया गया है। इसकी उपस्थिति के बगैर डिग्री नहीं मिल पाएगी। 
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इंदौरमें पहली बार इस वर्ष 900 पीएच-डी होगी इंदौरमें पहली बार इस वर्ष 900 पीएच-डी होगी Reviewed by Sushil Gangwar on September 25, 2012 Rating: 5

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