यशवंत को फंसाया जाना पत्रकारिता के प्रोफेशन की प्रतिद्वंद्विता को लज्जित करने वाला है

आज की सुबह बड़ी ही मनहूस खबर लेकर आई। यशवंत भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे जुझारू पत्रकार हैं। ऐसे क्रांतिकारी लोग जब-तब झड़पों में गिरफ्तार होते रहते हैं लेकिन उन्हें जिस प्रकार के मामलों में फंसाया गया है वह पत्रकारिता ही क्या किसी भी प्रोफेशन की प्रतिद्वंद्विता को लज्जित करने वाला है। उन पर इंडिया टीवी के रिपोर्टर की पत्नी को अश्लील संदेश भेजने और रंगदारी की मांग करने का आरोप लगाया गया है। जो यशवंत जी को बिलकुल नहीं जानता वह भी बता देगा कि यह मामला झूठा है।

पुरुष उस महिला को अश्लील एसएमएस भेज सकता है जिस पर आसक्त हो। ऐसे में उससे रंगदारी की मांग करना बेतुका है। रंगदारी की मांग हो तो धमकी भरे संदेश होने चाहिए न कि अश्लीलता भरे। यशवंत जी से एक से अधिक बार मिली हूँ और कई बार बातचीत हुई है। पहली बार मिले तो देखते ही दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम किया और कहा आज से आप मेरी बहन हैं। वे मुझे साध्वी जी, चिदर्पिता जी, मैडम या अन्य कोई भी सम्मानजनक सम्बोधन दे सकते थे, जिसे मैं तो क्या कोई भी अन्यथा नहीं लेता। किन्तु उनका बहन कहना मुझे छू गया। आज कितने पुरुष हैं जो अंजान महिला को देखते ही बहन कह देते हैं? उन पर इस प्रकार के आरोप से मैं दिल से दुखी हूँ। भड़ास4मीडिया के माध्यम से निष्पक्ष पत्रकारिता का पर्याय बन चुके यशवंत बहुतों की आँख की किरकिरी बन चुके थे। उसी द्वेष का परिणाम है यह। ईश्वर से प्रार्थना है कि जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो और ये योद्धा फिर से मैदान में आकर सबको छकाये।

चिदर्पिता गौतम
Sabhar- Bhadas4media.com
यशवंत को फंसाया जाना पत्रकारिता के प्रोफेशन की प्रतिद्वंद्विता को लज्जित करने वाला है यशवंत को फंसाया जाना पत्रकारिता के प्रोफेशन की प्रतिद्वंद्विता को लज्जित करने वाला है Reviewed by Sushil Gangwar on July 01, 2012 Rating: 5

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