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हावड़ा GRPS मामला No.39/12 दिनांक 22/02/2012 अंडर सेक्सन 308/304 आई.पी.सी.

मेरे प्रिय मित्रो,

सन्दर्भ : हावड़ा GRPS मामला No.39/12 दिनांक 22/02/2012 अंडर सेक्सन 308/304 आई.पी.सी.

सुभाशीष मुखर्जी(आयु 35 साल) ने मेरा बेटा अरविंद प्रसाद यादव, जो बी.कॉम. का छात्र था और उम्र मात्र २० साल थी, उसको २२/०२/२०१२ को चलती हुई ट्रेन से बहार फेंक दिया जिससे मेरे बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे हमलोगों ने अस्पताल में भारती किया. उसके सिर में गहरा जख्म लगा था. सिनिअर न्यूरोलोगिस्ट श्री तापस चटर्जी ने ऑपरेशन भी किया. मगर हमलोगों ने अपने बेटे को नहीं बचा पाए. चार दिन ventilator पर रहने के बाद मेरा बेटा २६/०२/२०१२ को हमसब को रोता बिलखता छोड़कर चल बसा. हावड़ा जी.आर.पी. में २२/०२/२०१२ को ही ऍफ़. आई. आर. कराया गया था जिसमे साफ़ तौर पर लिखकर जमा किया गया था की अरविन्द प्रसाद यादव को सुभाशीष मुख़र्जी ने धक्का देकर ट्रेन से बाहर फेंक दिया. पब्लिक ने सुभाशीष मुख़र्जी को मारते पिटते हुए जी.आर.पी. तक लेकर गया था और सारे लोगों नो अपना अपना बयान दिया था. दो चश्मदीद गवाहों ने लिखित बयान भी जमा किया. इसके बावजूद जांच अधिकारी, सब-इंस्पेक्टर श्री एस.आर. पॉल ने पहले तो केस को कमजोर करने के लिए धारा ३०८ के तहत मामला दर्ज किया जो की उसको धारा ३०७ के तहत करना चाहिए था. फिर अरविन्द प्रसाद यादव की मौत के बाद इस मामले में धारा ३०२ ऐड करने के बजाय ३०४ ऐड किया. पुनः ९० दिन के अन्दर chargesheet भेजना चाहिए था जो की उन्होंने जान बुझकर नहीं भेजा जिससे सुभाशीष मुख़र्जी को कोर्ट से आसानी से जमानत मिल गयी. सिर्फ इतना ही नहीं श्री पॉल ने चश्मदीद गवाहों को गुमराह करने के लिए उनके मोबाइल्स में फ़ोन करके झूठी सुचना दी थी कि अरविन्द प्रसाद यादव के पिताजी ने केस वापस ले लिया है इसलिए आपलोग कि अब जरुरत नहीं है.

प्रिय मित्रों, कृपया श्री एस.आर. पॉल को फ़ोन करें और उनसे अनुरोध करें कि इस मामले में भारतीय पैनल कोड की धारा 302 को तुरंत जोड़ा जाये और सुभाशीष मुख़र्जी को गिरफ्तार किया जाये और जल्द से जल्द chargesheet बनाकर कोर्ट में भेजा जाये.

श्री एस आर पॉल का फोन नं: - 03326413508,
श्री एस आर पॉल का मोबाइल नंबर: - 09836496041.

आप सब का आभारी
आपका मित्र
रामदेव प्रसाद यादव