किरपा का कारोबार और कारोबारी बंद होने के कगार पर…



निर्मलजीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा का ‘किरपा का कारोबार’ बंद होने की शुरुआत हो चुकी है। इंडियन ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने सभी टी वी चैनलों को आदेश दिया है की निर्मल बाबा के विज्ञापन का प्रसारण बंद कर दिया जाये. गौरतलब है कि मीडिया दरबार कि ओर से धीरज भारद्वाज ने दिल्ली उच्च न्यायालय से गुहार की थी कि निर्मल जीत नरूला द्वारा जारी इस विज्ञापन से देश में अन्धविश्वास फ़ैल रहा है इसपर दिल्ली हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और न्यूज़ ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड ऑथारिटी को नोटिस जारी कर पूछा था कि थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा का अंधविश्वास भरा विज्ञापन- ‘थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा’ देश भर के चैनलों पर कैसे प्रसारित हो रहा है?

इसी के साथ इस फर्जी निर्मल बाबा के जून में दिल्‍ली में होने वाले कई समागम रद्द हो चुके हैं, समागम टालने के बारे में निर्मल दरबार की तरफ से सफाई दी गई कि गर्मी और कानूनी वजहों से समागम टालने पड़े। दरअसल इन दिनों निर्मलजीत नरूला कानूनी पचड़ों में बुरी तरह फंसे हुए हैं, जिसके चलते “किरपा के कारोबारी” निर्मल बाबा खुद न्यायालय की “किरपा” पाने को तरस रहें हैं. देश भर में उनके खिलाफ मामले दर्ज़ हो चुके हैं और कई राज्यों की पुलिस उनकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।

इधर उनका यस बैंक स्थित खाता नंबर 023584100000032 बंद हो गया है। इस खाते में पिछले एक महीने से एक भी पैसा नहीं आया है। जबकि निर्मल बाबा टीवी विज्ञापनों पर ही हर महीनें पांच करोड़ रुपए खर्च करते हैं।

दरअसल, निर्मल बाबा का बंटाधार वेब पोर्टलों की वजह से हुआ है। सूत्रों का कहना है कि निर्मल बाबा हबपेजेस के खिलाफ़ अपनी पहली लड़ाई जीत जाने से इतने उत्साहित थे कि उन्हें थर्ड मीडिया सबसे आसान शिक़ार लगने लगा। जिसके चलते उन्होंने सबसे पहले मीडिया दरबार को कानूनी नोटिस भेजा मगर मीडिया दरबार ने इस नोटिस को रद्दी की टोकरी में डाल दिया तथा अपने एक पाठक की सहायता से निर्मल बाबा का पूरा इतिहास खोज लिया जो कि कोई नहीं जानता था।

इसके बाद तो जैसे पूरा थर्ड मीडिया, मीडिया दरबार के साथ आ गया और देखते ही देखते इन्टरनेट पर मीडिया दरबार पर निर्मलजीत नरूला उर्फ़ निर्मल बाबा के खिलाफ प्रकाशित होने वाली हर खबर दुसरे वेब पोर्टलों पर भी नज़र आने लगी. फिर तो स्टार न्यूज़ और इंडिया टीवी भी इस किरपा के कारोबारी की पोल खोलने में जुट गए, साथ ही प्रभात खबर अख़बार भी नित नए तथ्य सामने लेन लगा। जिसका परिणाम आप सबके सामने है।

Sabhar- Mediadarbar.com

किरपा का कारोबार और कारोबारी बंद होने के कगार पर… किरपा का कारोबार और कारोबारी बंद होने के कगार पर… Reviewed by Sushil Gangwar on June 10, 2012 Rating: 5

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