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गाजीपुर के एसओजी प्रभारी पर लूट का आरोप, सुनिए आडियो टेप

गाजीपुर जिले के थाना सुहवल ग्राम नवली के चंद्रशेखर सिंह की माता के नाम से देशी शराब की दुकान अटवा मोड़, थाना नोनहरा में है. उसकी देखभाल चंद्रशेखर सिंह करते हैं. इनका आरोप है कि दिनांक 14-06-2012 को रात करीब 8.30 बजे एसओजी प्रभारी श्री रणजीत राय अपने चार सहयोगियों को लेकर देशी शराब की दुकान पर पहुंचे तथा जांच करने के बहाने दुकान के सेल्समैन राजेश सिंह निवासी इटहरा थाना-करण्डा से दुकान का दरवाजा खुलवा कर सेल्स मैन को असलहा दिखाते हुए जबरदस्ती गल्ले में मौजूद बिक्री की 25,500/- रुपये लूट लिये.

आरोप है कि रणजीत राय ने धमकी भी दिया कि साले फिर आयेंगे, अपने मालिक को बता देना. वहां से निकलने के बाद एसओजी प्रभारी ने चंद्रशेखर के मोबाइल नंबर पर फोन कर गाली देते हुए धमकी दी कि लूटा है व आगे भी लूटेंगे और तुम्हे बर्बाद कर देंगे. चंद्रशेखर सिंह ने अपने साथ हुई बातचीत को मोबाइल में रिकार्ड कर लिया है. वाइस रिकार्डर (सीडी) के साथ एक अप्लीकेशन देकर उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है. उन्होंने शिकायती पत्र रिपोर्ट थाना नोनहरा जाकर सौंपा लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई. चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि वह और उनका सेल्समैन इस घटनाक्रम से काफी डरे व सहमे हुए हैं.

ये रहा एसओजी प्रभारी रणजीत राय और देशी शराब के दुकानदार चंद्रशेखर सिंह के बीच बातचीत के दो आडियो टेप. सुनने से पहले वाल्यूम फुल कर लें और प्ले सिंबल पर क्लिक कर दें...


इस पूरे प्रकरण पर एसओजी प्रभारी रणजीत राय का कहना है कि जो चंद्रशेखर सिंह उन पर लूटने का आरोप लगा रहा है वह खुद सरासर झूठा और विश्वासघाती है. अपने झूठ और धोखे को छुपाने के लिए वह उन पर आरोप मढ़ रहा है. रणजीत राय के मुताबिक जंगीपुर थाने में तैनाती के दौरान चंद्रशेखर ने नई गाड़ी खरीदने के लिए उनसे पैसे उधार लिया था. उसने वादा किया था कि वह जल्द चुका देगा क्योंकि उसका खुद का देशी दारू का ठेका है और तीस चालीस हजार रुपये की हर रोज कमाई होती है. इस भरोसे पर चंद्रशेखर को पैसा दे दिया पर उसने कई महीने बीत जाने के बाद भी नहीं लौटाया तो उन्होंने पैसे वापस मांगा. तब वह आजकल, जनवरी फरवरी, इस काम के बाद, उस काम के बाद... जैसे बहाने करके टरकाने लगा. कभी कहता भाई के तिलक के बाद दे दूंगा तो कभी कहता कि भाई की शादी के बाद दे दूंगा. एक बार जब पैसे की सख्त जरूरत पड़ी तो चंद्रशेखर से तत्काल पैसे देने को कहा. तब उसने हफ्ते भर में देने की बात कही. फिर भी उसने पैसे नहीं दिया. बाद में काफी दबाव बनाने पर पैसे दिए लेकिन पूरा नहीं दिया, कुछ पैसा अब भी बाकी है. पिछले दिनों जब फोन पर उससे पैसे लौटाने को कहा तो उसने पैसे उधार होने से ही इनकार कर दिया.


Sabhar- Bhadas4media.com

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