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एक्शन पार्टी में शामिल हुए पीस पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता


एक्शन पार्टी में शामिल हुए पीस पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता



नई दिल्ली। देश के जाने माने पत्रकार, लेखक और राजनीतिक विश्लेषक यूसुफ़ अंसारी ने कुछ अन्य बुद्धिजीवियों और राजानीति एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर नई पार्टी का गठन किया है। पार्टी का नाम एक्शन पार्टी रखा गया है। दिल्ली में हज़रत निज़ामुद्दीन स्थित ग़ालिब अकादमी में हुई बैठक में पीस पार्टी में नेतृत्व से नाराज़ चल रहे कई पदाधिकारी और पूर्व प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ एक्शन पार्टी में शामिल हो गए।
खचाखच भरे हॉल में पहल सर्वसमम्मति से यूसुफ़ अंसारी को एक्शन पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन गया। बाद में उन्होंने 15 सदस्यीय राष्ट्रीय कमेटी का ऐलान किया। 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीर अब्दुल हमीद के साथ जंग के मोर्चे पर पाकिस्तानी सेना के दांत खट्टे करन वाले वसी अहमद सिद्दीक़ी को पार्टी के उपाध्यक्ष बनाया गया है। सिद्दीकी फौज से रिटायर होने के बाद कई पार्टियों मे रहे हैं। वो पीस पार्टी में प्रदेश महासचिव रहे हैं। पीस पार्टी की दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेता सुनील त्यागी और पीस पार्टी के टिकट पर मुरादनगर से विधान सभा का चुनाव लड़न वाले ग़ाज़ियाबाद वरिष्ठ अधिवक्ता इरफ़ान खान को भी एक्शन पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
पीस पार्टी में राष्ट्रीय सचिव रहे शमीम अंसारी, प्रदेश सचिव महासचिव रहे ज़ाहिद ताज और प्रदेश सचिव रहे युवा दलित नेता राहुल भारती को एक्शन पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। साहस और सौहार्दसामाजिक संगठन से जुड़ी दिल्ली की जाने मानी सामाजिक कार्यकर्ता अभिलाषा को पार्टी में राछ्ट्रीय सचिव बनाया गया है। कांग्रेस छोड़ कर एक्शन पार्टी में शामिल हुए वरिष्ठ नेता मुख़्तार अंसारी, पार्टी की पहली बैठक में मुंबई से शिरकत करने आए युवा बिज़नेस मैन निज़ामुद्दीन निशात, दिल्ली के युवा बिज़नेस मैन सोहेल अहमद, डॉ शाग़िल रशीद, दिल्ली में सबसे पहले पीस पार्टी का झंडा उठाने वाले असग़र अली अंसारी, हापुड़ के अनीस क़ुरैशी समेत दस लोगों को राष्ट्रीय सचिव बनाया है।
दिल्ली नगर निगम और और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पीस पार्टी के कई उम्मीदवारों ने एक्शन पार्टी का दामन थाम लिया है। नोएडा के पीस पार्टी के अध्यक्ष हाजी अलमास, बरेली के पीस पार्टी के पूर्व ज़िलाध्यक्ष इरशाद अंसारी अपन समर्थकों के साथ एक्शन पार्टी में शामिल हो गए हैं। वहीं रवि श्रीवास्तव, अमरेश श्रीवास्तव, बृजभूषण एडवोकेट, राकेश रावत, रमेश वर्मा, आदित्य वर्मा, रूपेंद्र पाल सिंह उर्प रूबी, उनुज गौतमस हरपाल गौतम, सुरेंद्र पाल, सुरेंद्र सिंह गुजर समेत उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के क़रीब 30 पूर्व प्रत्यशियों ने पीस पार्टी छोड़ एक्शन पार्टी का दमान थाम लिया है। वहीं दिल्ली में सबीहा आसिफ़, महमूद अहमद, असग़र अली अंसारी, खालिद चौधरी, रन सिंह समेत नगर निगम के 15 पूर्व प्रत्याशी पीस पार्टी छोड़ कर एक्शन पार्टी में शामिल हो गए हैं।
इस मौक़े पर यूसुफ़ अंसारी ने कहा कि एक्शन पार्टी शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में सक्रिय रहेगी और आगे चल कर बिहार और झारखंड में भी पार्टी अपना दायरा बढ़ाएगी। एक्शन पार्टी टीम अन्ना की तर्ज़ पर देश भर में परिवारवाद के ख़िलाफ जन अभियान छेड़ेगी।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के वक़्त 562 रियासतों के विलय से मौजूदा भारत वजूद में आया था। लेकिन आज़ादी के 65 साल बाद देश में लोकतंत्र 500 परिवारों के घरों में क़ैद होकर रह गया है। इनमें से ज़्यादातर लोग राजे रजवाड़ों और नवाबों के वंशज हैं या फिर आज़ादी के बाद राजनीति में आने वालों के राजनीतिक वारिस हैं। इन्हें सत्ता से बाहर किए बिना न देश का विकास संभव है और न ही देश के दबे कुचले तबक़े को देश के संसाधनों में उसका जायज़ हक़ मिल सकता है।
पार्टी के एजेंडे के बारे में यूसुफ़ं अंसारी का साफ़ कहना है कि जब तक ग़रीबी रेखा से नीचे गुज़र बसर कर रही देश की एक तिहाई आबादी उसका जायज़ हक़ नहीं मिलता तब तक भारत को सुपर पावर बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहाकि आज देश में 2500 टन रिकार्ड उत्पादन के बावजूद देश में 24 करोड़ रोज़ाना भूखे सोते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 42 करोड़ लोग ग़रीबी रेख से नीचे हैं। लेकिन ग़ैर सरकारी आंकड़ा 70 करोड़ से उपर ग़रीबी रेखा से नीचे का है। समाज क इस सबसे कमज़ोर तबक़े को राजनीतिक रूप से मज़बूत करके इसका आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास करना ही हमारा एक मात्र मक़सद है। जब तक समाज इस 

सबसे कमज़ोर तबक़े को उसका जायज़ हक़ दिलाने तक एक्शन एक्शन पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
सलाम इंडिया 


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