महा भड़ासी और भड़ास ब्लाग के पितामह डॉ. रुपेश श्रीवास्तव नहीं रहे.


महा भड़ासी और भड़ास ब्लाग के पितामह डॉ. रुपेश श्रीवास्तव नहीं रहे.

भड़ास के जनक, आयुर्वेदाचार्य डॉ. रुपेश श्रीवास्तव.




एक डॉ. रुपेश श्रीवास्तव था एक दिन वो मर गया......

ये वाक्य अचानक से कानों में जहर घोलने लगे हैं, जी हाँ ये वाक्य जो हमारे गुरुदेव का तकिया कलम जैसा था, बस एक वाक्य और सबको चुप करना.

और आज हमारे गुरुदेव वाकई में पञ्च तत्व में समाहित हो गए. डॉ. रुपेश श्रीवास्तव को कल ही हृदयाघात हुआ था, आज हमारा ये लाडला, चहेता, योद्धा सबका अपना हमें छोड़ कर पञ्च तत्व में विलीन हो गया. भड़ास अपने संस्थापक पूज्य के लिए अश्रुपूरित है, द्रवित है अविश्वसनीय है कि हमारा गुरुदेव हमें छोड़ कर कैसे जा सकता है. 

लिखने पढने कहने सुनने कि हालत में नहीं हूँ, डॉ. साहब कि आवाज, गल्बहलिया, साथ मानों सब सामने से जाने का नाम नहीं ले रहा है. समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करूं ?? क्या लिखूं ??


महा भड़ासी और भड़ास ब्लाग के पितामह डॉ. रुपेश श्रीवास्तव नहीं रहे. महा भड़ासी और भड़ास ब्लाग के पितामह डॉ. रुपेश श्रीवास्तव नहीं रहे. Reviewed by Sushil Gangwar on May 12, 2012 Rating: 5

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