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Tuesday, 8 May 2012

कांग्रेस के पोर्न स्टार की कसमसाहट


अभिषेक मनु सिंघवी कसमसा रहे हैं। सिंघवी को कांग्रेस का नया पोर्न स्टार कहा जा सकता है। इस पोर्न स्टार की कसमसाहट यह है कि वह कहीं भी नहीं जा पा रहे हैं। सब जगह से गायब हैं। जिस मीडिया के रोज जम कर मजे लेते थे, वहां से तो बिल्कुल ही फुर्रर। एक सीडी ने सारा मजा किरकिरा कर दिया। बेचारे सिंघवी... गए तो थे सेक्स का मजा लेने। पर, दुनिया अब उनके मजे ले रही है। वैसे, भजन, भोजन और ‘भोग’ का यह कायदा है कि उसे परदे में किया जाए, तो करनेवाले को खूब आनंद आता है। लेकिन जब उसको लोग देख लेते हैं, तो आपका आनंद तो हवा हो ही जाता है, उल्टे लोगों को उसका बहुत मजा आता है।
सिंघवी के मामले में भी यही हुआ। वे राजस्थान से राज्यसभा के सांसद हैं। कुछ दिन पहले तक कांग्रेस के नेता भी थे। रोज टीवी पर दिखते थे। सब जगह जाते थे। संसद में भी खूब उछलते थे। कांग्रेस की तरफ से बहुत बोलते थे। पर, अब बोलती बंद है। आंखों में शर्म है और टीवी की स्क्रीन से भी पूरी तरह से गायब। कहीं नहीं दिखते। ना संसद में, ना कांग्रेस मुख्य़ालय में, और ना ही कहीं किसी समारोह में। सुप्रीम कोर्ट में तो खैर जाएं भी किस मुंह से। वहीं तो अभिषेक मनु सिंघवी को सेक्स करते पूरी दुनिया ने सरेआम देखा, जी भर कर देखा। जिस सुप्रीम कोर्ट में वकालात करके रोजी रोटी चलाने के साथ वे देश के बड़े आदमी बने, उसी सुप्रीम कोर्ट के अहाते में बने अपने ही दफ्तर में सेक्स करते सीड़ी में समा गए। एक घर तो डायन भी टालती है। पर, सिंघवी ने ना तो सुप्रीम कोर्ट को छोड़ा, ना ही साथी महिला वकील को और ना ही अपने दफ्तर को। सबको सेक्स के साए में समेट लिया। बस, उस सीडी में महिला वकील के साथ रंगरेलियां मनाते दिखे, जो दिखे। उसके बाद सब जगह से गायब है।
उनके पिता लक्ष्मी मल्ल सिंघवी देश के बहुत बड़े कानूनविद कहे जाते थे। बहुत बड़ा नाम था। लेकिन बेटे अभिषेक ने उस इतने बड़े नाम को मिट्टी में मिला दिया। कभी अपन भी अभिषेक मनु सिंघवी के जोधपुर से होने की वजह से उन पर गर्व करते थे। पर, अब सिंघवी पर थूकने का भी मन नहीं करता। अभिषेक मनु सिंघवी ने जिंदगी भर कानून की देवी की कसमें खाई। इन्हीं कसमों से बाप बेटे की रोजी रोटी चली और राजनीति भी फलित हुई। पिता लक्ष्मी मल्ल सिंघवी पहले बीजेपी में थे। फिर पाला बदल कर कांग्रेस में आ गए। राजस्थान में पाली से लोकसभा का टिकट भी ले लिया। पर, सन 1989 में हुए इस चुनाव में गुमानमल लोढ़ा से वे हार गए। इससे पहले सरकार ने उनको अमरीका में भारत का हाई कमिश्नर बनाया। जिंदा होते और चुनाव जीते होते, तो देश के कानून मंत्री होते। अभिषेक मनु सिंघवी के अल्लू पल्लू उनमें भी देश का अगला कानून मंत्री देख रहे थे। पर, जिस कानून की पूजा करके सिंघवी ने नाम कमाया, उसी कानून की देवी के मंदिर में एक महिला वकील को जज बनाने का झांसा देकर उससे साथ सैक्स करते देश के भावी कानून मंत्री का यूं कैमरे में कैद हो जाना सिंघवी परिवार के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण साबित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट में सिंघवी के सेक्स की सीडी के दृश्य इतने दमदार थे कि दुनिया भर में पूरी सीड़ी कई कई बार देखी गई। अपन ने भी इंटरनेट पर सिंघवी की सेक्स सीड़ी को देखा। अपने जैसे करोड़ों लोगों ने भले ही सीडी का मजा लिया। लेकिन सिंघवी की सेक्स सीडी से सोनिया गांधी शर्मा गई। फट से सिंघवी को सब जगह से ब्लैक आउट करने के आदेश दे दिए। और अब पूरे देश में सिंघवी को भारतीय राजनीति के नए पोर्न स्टार के रूप में पहचाना जाने लगा हैं।

दुनिया ने सिंघवी के सेक्स और उस पर बनी सीडी का खूब मजा लिया। इससे झल्लाकर अपने सेक्स की सीडी टीवी चैनलों पर नहीं दिखे, इसके लिए अभिषेक मनु सिंघवी ने सारे पुख्ता इंतजाम कर किए। कोर्ट से बैन का आदेश लिया। वेबसाइटों से वीडियो हटवाया। पर, फेसबुक और कई न्यूज कंटेट की वेबसाइट पर बार बार अपलोड़ होते इस वीडियो को खूब देखा गया। सिंघवी का बस चलता, तो वहां भी रोक लगवा लेते, पर पता नहीं किन कारणों से यूट्यूब और बाकी कई प्रसिद्ध और बहुत व्यापक फैलाव वाली इंटरनेट कंपनियों की वेबसाइट को न भारत में प्रतिबंधित किया गया और न इसके खिलाफ वे कोई बहुत प्रभावी कार्रवाई कर पाए। यूट्यूब नाम की यह कंपनी अमेरिका में रजिस्टर्ड है और कुछ ही समय पहले गूगल्स ने बहुत मोटी रकम देकर इसे खरीदा था। निशुल्क वीडियो दिखाने और किसी के भी वीडियो अपनी साईट पर होस्ट करने वाली इस कंपनी के संस्थापकों में जावेद मीर नाम का एक बांग्लादेशी भी है जो 1992 में अपने देश से भाग कर अमेरिका चला गया था। यूट्यूब पर मौजूद वीडियो में सिंघवी के बहुत सारे वीडियो मौजूद हैं। वहां से भी एक हटवाया तो भाई लोगों ने दूसरा अपलोड़ कर दिया। तू डाल डाल में पात पात की तरह मामला चलता रहा।

सिंघवी अब भले ही चुप हैं। सब जगह से गायब है। कहीं नहीं दिखते। पर, सुप्रीम कोर्ट में उनके सेक्स की यह सीडी उनका पीछा नहीं छोड़ रही। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऑन रिकार्ड (एओआर) एसोसिएशन ने सिंघवी को मुकदमे की ब्रीफ न देने का प्रस्ताव पारित किया है। यानी कोर्ट में सिंघवी के पेश होने पर रोक लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में एओआर ही मुकदमा दाखिल करने के लिए अधिकृत है। किसी भी केस में सिंघवी को ब्रीफ नहीं देने संबंधी प्रस्ताव को एओआर एसोसिएशन की जनरल बॉडी ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने इसे मंजूरी दे दी। प्रस्ताव की प्रति भारत के मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष को भी भेजी गई है। इस प्रस्ताव पर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन को छोड़कर कार्यकारी समिति के लगभग सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। जैन ने प्रस्ताव का विरोध किया था। जैन के विरोध को समझा जा सकता है। अभिषेक मनु सिंवी भी जैन हैं, और अध्यक्ष सुशील कुमार भी जैन। एक जैन अपने जाति भाई के दर्द में शामिल हो, तो सामाजिक नजरिए से इसको गलत नहीं माना जाना चाहिए। और एओआर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन को जातिभाई का धर्म निभाते हुए सिंघवी का साथ देने के लिए माफ कर भी दिया जाए, तो भी अभिषेक मनु सिंघवी का अपराध कम नहीं हो जाता। क्योंकि सेक्स तो सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट यानी सरकारी स्थल के अहाते में किया है।

अभिषेक मनु सिंघवी को केरल के एक पापी का मामला केरल सरकार के खिलाफ ही लड़ने की वजह से कांग्रेस के प्रवक्ता पद से पहले भी एक बार हटा दिया गया था। सिंघवी ने गुनाह ही ऐसा किया था जिसके लिए उन्हें माफ नहीं किया गया। कई दिनों तक पत्रकारों को शेर ओ शायरी, कानून की धाराएं और शुद्व अंग्रेजी और हिंदी सुनने को नहीं मिली। कुछ दिन बाद लोग इस मामले को भूल गए और वे फिर प्रवक्ता के पद पर आ गए। अब एक बार फिर सिंघवी अलग - थलग है। पार्टी में भी दरकिनार है। इसीलिए बहुत ज्यादा कसमसा रहे हैं। वैसे, कुल मिलाकर अभिषेक मनु सिंघवी एक वकील है। कानून से खेलना उनको खूब आता है। कानून की कमजोरियों में जिंदगी को जीने के सामान को फिर से कैसे सजाया जाता है, यह भी वे अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए कानूनी रूप से सिंघवी अपनी सारी सेक्सी शरारतों और उसके लिए की गई करतूतों के कलंक को धो देंगे। संसद में तो वैसे भी बने रहेंगे। पर, लोगों को दिलो में फिर जगह बना पाएं, इसकी गुंजाइश कम ही है। पूरी पार्टी को लज्जित कर देने वाले इस अपराध के लिए जैसा कि सिंघवी को भरोसा है, कांग्रेस उनको भले ही आगे जाकर पिछली बार की तरह एक बार फिर माफ कर दे। पर, कांग्रेस के इस पोर्न स्टार की कोर्ट में कलंकित कर देनेवाली करतूत को क्या आप भी भूल जाएंगे ?
लेखक निरंजन परिहार मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं.
Sabhar- Bhadas4media.com


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