लखनऊ में श्रीएस7 न्यूज चैनल की रीलांचिंग की असली खबर : कई पत्रकार पिटे-गिरे-लड़े-डरे-भागे


जमकर पीटे गए दर्जन भर मीडियाकर्मी : लखनऊ में एक रीजनल न्‍यूज चैनल के री-लांचिंग मौके पर जमकर हंगामा हुआ. बड़े नेताओं-मंत्रियों के बीच वहां मौजूद कुछ पत्रकारों को इतना पीटा गया कि वे अधमरा हो गये. किसी का सिर तोड़ा गया तो किसी की टांग टूट गयी. घायल साथियों को बचाने आये पत्रकारों को भी होटल के सुरक्षाकर्मियों ने नहीं बख्‍शा. हादसे के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. बाद में थाने पर पहुंचे घायलों की तहरीर पुलिस ने दर्ज जरूर कर लिया. उधर इस स्‍तब्‍ध करने वाली घटना पर लखनऊ के धाकड़ समझे जाने वाले पत्रकार और उनकी एसोसियेशनें भी दमसाधे चुप बैठी हैं.
यह घटना हुई लखनऊ के ताज वेदांत होटल में 18-19 मई की रात. रीयल एस्‍टेट कंपनी श्री इंफ्राटेक के मीडिया वेंचर का चैनल श्रीएस7 न्‍यूज की रीलांचिंग यहीं हुई. सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में समारोह में यूपी विधानसभा अध्‍यक्ष माता प्रसाद पांडेय, सरकार के मंत्री अहमद हसन, अभिषेक मिश्रा, बिहार के मंत्री श्‍याम रजक, भाजपा सांसद लालजी टंडन, प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष रीता बहुगुणा जोशी,  गायक छन्‍नूलाल मिश्रा, गायिका मालिनी अवस्‍थी, अभिनेता रजा मुराद, शक्ति कपूर, नगमा, पंकज धीर जैसी नामचीन हस्तियां मौजूद थीं. दिल्‍ली और मुम्‍बई के उद्योग और पत्रकारिता के कई बड़े नाम भी इस समारोह में थे.

समारोह के दौरान अचानक ही होटल में हंगामा शुरू हो गया. जब तक कि कोई समझता या हस्‍तक्षेप कर पाता, पता चला कि होटल के सुरक्षाकर्मियों ने लोहे की राड लेकर कुछ लोगों को बुरी तरह पीट दिया है. कई पत्रकारों का सिर तोड़ा गया, किसी का पैर टूट गया तो कई लोगों की कारें बुरी तरह तोड़ी गयी हैं. खबर मिलते ही समारोह में मौजूद बड़े नेता, मंत्री, पत्रकार और उद्यमी चुपचाप खिसक लिये. इन मंत्री-नेता लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसवालों ने भी अपनी गाडि़यां खिसका लीं. इन लोगों में से किसी भी शख्‍स ने इस हादसे की खबर पर न तो कोई हस्‍तक्षेप किया और न ही वहां सड़क पर पड़े घायलों की मदद करने की जिम्मेदारी समझी. वहां मौजूद ज्‍यादातर सभी नामचीन लोग भाग चुके तो कुछ लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया. लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची.

उधर पता चला है कि यह हादसा भारी शराबखोरी के चलते हुआ. समारोह में अतिथियों के लिए बेहतरीन शराब और भोजन की व्‍यवस्‍था की गयी थी. हालांकि चैनल के प्रबंधन ने केवल चंद सैकड़ा लोगों को ही बुलाया था लेकिन अचानक भारी भीड़ उमड़ गयी. शराबियों पर नशा तारी हो गया. व्‍यवस्‍था गड़बड़ हो गयी और अफरातफरी का आलम हो गया. इसके बाद कोई शराबी कहीं पेशाब करने लगा तो कोई नशेबाजी में गार्ड से उलझ गया, कोई बचाने आया तो पिट गया तो कोई हालचाल पूछने और झगड़ा छुड़ाने में पिटाई का शिकार हो गया. सारी कारस्तानी होटल के गार्डों की है. इन लोगों ने हर उस शख्स को पीटा जो झगड़े के दौरान सामने बीच बचाव करने आया या हालचाल पूछने आया.

पिटने वालों में न्‍यूज एक्‍सप्रेस चैनल के कैमरामैन आलोक, सीएनबीसी चैनल के रिपोर्टर गौरव और एक टीवी रिपोर्टर साहिल शामिल हैं. सुरक्षाकर्मियों ने आलोक और गौरव को अधमरा कर होटल के बाहर सड़क पर फेंक दिया था. समारोह के दौरान लौटते समय जब कुछ लोगों ने इन घायल लोगों को सड़क पर फेंके जाने की कैफियत पूछी तो होटल के सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ भी अभद्रता की. घायलों को बचाने के लिए पुलिस बुलाने का प्रयास कर रहे कुछ पत्रकारों पर भी सुरक्षाकर्मी टूट पड़े और उनकी कारों को भी बुरी तरह फोड़ा गया. साथियों को बचाने के प्रयास में एक चैनल के रिपोर्टर साहिल को भी सुरक्षाकर्मियों ने जमकर पीटा. इस हादसे में साहिल के सिर में गंभीर चोटें आयीं और उनका बायां पैर तीन जगहों पर टूट गया.

आधी रात के बाद खून से लथपथ इन घायलों को गंभीर हालत में पुलिस थाने पर भेजा गया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई करने के बजाय केवल रिपोर्ट ही दर्ज किया. हैरत की बात तो यह है कि पत्रकारों के साथ हुए इस हादसे और कागजी कार्रवाई तक सिमटी पुलिस की हरकत पर बड़़े पत्रकारों ने चुप्‍पी साधे रखी. मुख्‍यमंत्री कार्यालय वाले एनेक्‍सी भवन में नियमित होने वाली डीजीपी-गृह सचिव की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भी किसी ने इस मसले पर चूं तक नहीं की. बहरहाल, एक अन्‍य सूत्र का दावा है कि ताज होटल प्रबंधन इलाके की पुलिस को दो लाख रुपया अदा करता है, इसके बदले यह पुलिस इस होटल में होने वाली किसी भी घटना से आंख-कान मूंदे रहती है.
लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर की रिपोर्ट. कुमार सौवीर से संपर्क 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.
Sabhar- Bhadas4media.com
लखनऊ में श्रीएस7 न्यूज चैनल की रीलांचिंग की असली खबर : कई पत्रकार पिटे-गिरे-लड़े-डरे-भागे लखनऊ में श्रीएस7 न्यूज चैनल की रीलांचिंग की असली खबर : कई पत्रकार पिटे-गिरे-लड़े-डरे-भागे Reviewed by Sushil Gangwar on May 20, 2012 Rating: 5

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