‘रक्त नालियों में नहीं, नाडिय़ों में बहना चाहिए’ शिविर में उमड़े लोग




चंडीगढ़, जयश्री राठौड़। निरंकारी फाऊंडेशन की ओर से इस वर्ष का पहला रक्त दान शिविर लगाया गया। इस शिविर में कुल 480 निरंकारी श्रद्बालुओं
जिनमें 50 महिलाएं भी स िमलित थी ने स्वेच्छा से रक्तदान कर बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के मानवता को एक करने के प्रयोजन को  साकार रूप दिया। इस शिविर के शुरू होने के साथ चंडीगढ़ जोन में इस वर्ष लगाए जाने वाले 18 शिविरों का शुभारंभ हो गया है। इस शिविर का शुभारंभ श्रीमती जोगिंदर कौर, मैंबर इंचार्ज, प्रचार विभाग ,संत निरंकारी मंडल दिल्ली ने अपने कर कमलों द्वारा किया। इस अवसर पर रक्तदाताओं को संबोधन करते हुए श्रीमती जोगिंदर कौर जी ने कहा कि निरंकारी श्रद्घालु समाज कल्याण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र चाहे वो सफाई अभियान हो या वृक्षारोपण , प्रत्येक कल्याणकारी कार्य में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैैं। उन्होंने कहा कि मानवता के लिए दिए जा रहे उनके योगदान की जितनी भी सराहना की जाए उतनी कम है। उन्होंने इस अवसर पर बाबा हरदेव सिंह जी के संदेश ‘रक्त नालियों में नहीं, नाडिय़ों में बहना चाहिए’ को दोहराया। डा.बी. एस.चीमा ,जोनल इंचार्ज ,चंडीगढ़ जोन ने मु य अतिथि श्रीमती जोगिंदर कौर जी का यहां पहुंचने पर हार्दिक अभिनन्दन किया , वहीं रक्तदाताओं का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन द्वारा आज के दिन पूरे देश संत निरंकारी चैरीटेबल ट्रस्ट  71 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।निरंकारी मिशन देश भर में सर्वाधिक रक्तदान देने वाली संस्था है। श्री मोहिन्द्र सिंह ,प्रमुख ,सन्त निरंकारी मंडल, चंडीगढ़ ब्रांच
ने रक्तदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि निरंकारी श्रद्बालु रक्तदान शिविरों के द्वारा सत्गुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के संदेश ‘‘सभी में प्रेम एवं संसार में
भाईचारे की भावनाा स्थापित होको साकार रूप दे रहे हैं।’’ इस मौके पर श्री नरंजन सिंह आई.ए.एस. (रिटा.) चंडीगढ़ सेवादल के क्षेत्रीय संचालक श्री एच.एस. ढिल्लों जी व डेरा बस्सी क्षेत्र के क्षेत्रीय संचालक श्री शुभकरण जी एवं श्रीमती भगवान देवी नंदवानी जी भी विशेष तौर पर शामिल हुए। इस शिविर का संचालन डॉ. सुचेत सहदेव , सहायक प्रोफैसर , बल्ड ट्रांस�यूकान अ$फसर, पी.जी.आई., चंडीगढ़ की प्रधानगी में 20 डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की सहायत द्वारा किया गया। इस
मौके पर डॉ. सहदेव ने कहा कि रक्त दान के प्रतीक निरंकारी श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बनता है, जोकि यहां लगे रक्तदान शिविरों में आमतौर पर देखा जा सकता है।
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‘रक्त नालियों में नहीं, नाडिय़ों में बहना चाहिए’ शिविर में उमड़े लोग ‘रक्त नालियों में नहीं, नाडिय़ों में बहना चाहिए’ शिविर में उमड़े लोग Reviewed by Sushil Gangwar on April 25, 2012 Rating: 5

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