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क़ॉरपोरेट मीडिया को नियंत्रित करना चाहता है



महेंद्र त्रेहानसंस्थापकसंपादक इंडिया टुडे
 अगर सरकार और कॉरपोरेट अधिक सर्तक रहेंगे तो ऐसा नहीं होगा। एक व्यक्ति कई संपत्तियों का मालिक है। “2जी टेप (नीरा राडिया प्रकरण) से सभी को पहले से ही मालूम है कि कॉरपोरेट के द्वारा सभी कुछ निर्धारित किया जा रहा है। यह काफी खतरनाक है कि मुकेश अंबानी आपके सारे फैसले लेंगे, कहने का अर्थ की नीतियों का निर्धारण करेंगे क्योंकि जैसा कि आप सभी को मालूम है कि पहले (अतीत में) क्या हुआ है। चाहे वह किसी से बात करना या किसी की आलोचना करना या उसे बेनकाब करना हो.।”
रिलायंस को मीडिया में इतनी रूचि क्यों है? इसके पीछे सिर्फ पैसा ही नहीं है, जाहिर है कि यह प्रभाव के लिए है। रूपर्ट मर्डोक तीन महादेशों में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को प्रभावित करते हैं। अब ऐसी स्थिति आ गई है कि देश का सबसे धनी व्यक्ति सबसे बड़े मीडिया नेटवर्क का मालिक है। हां, यहां एक स्वतंत्र संस्था है, लेकिन मैं उस पर विश्वास नहीं करता। इसका मुख्य उद्देश्य मीडिया को नियंत्रित करना है। आप योजनाओं को प्रभावित कर रहे हो, आप सरकार की नीतियों, निर्णयों को प्रभावित कर रहे हो और अब आप आम–आदमी को प्रभावित करोगे कि वह सरकार और आपके निर्णयों को सुने।
“जब राजनेता या सरकार का कोई प्रवक्ता कुछ बोलता है, तो हम उन पर विश्वास नहीं करते, लेकिन जब राजदीप सरदेसाई या सागरिका घोष या आईबीएन7 या टीवी18 से कोई बोलता है, तो हम मानते हैं कि हमें विश्वास करना चाहिए। अब इस पर एक प्रश्नचिन्ह लग गया है
“इस तरह के सौदे में जब इतने बड़े पैमाने पर डील हुई हो तो कई तरह के सवाल खड़े हो जाते हैं। यह लोगों की सोच को प्रभावित करता है। मैं नहीं जानता कि अगर किसी ने दरवाजा बंद कर दिया है तो। काफी देर हो चुकी है।
Sabhar- Samachar4media.com”
 

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