विधायक डीपी यादव मुश्किल में फंसे

लखनऊ,उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने के विकल्प को खुला रखते हुए मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने आज कहा कि डी.पी. यादव की पार्टी में कोई जगह नहीं है।सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यहां साफ किया कि बहुजन समाजवादी पार्टी के बदांयू के सहसवान क्षेत्र से विधायक डी.पी. यादव और बिसौली से उनकी विधायक पत्नी उमलेश यादव को पार्टी में शामिल नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि डी.पी. क्या आपराधिक छवि के किसी भी नेता या विधायक की पार्टी में जगह नहीं है? डी.पी. यादव तीन दिन पहले रामपुर में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां से मिले थे और पार्टी में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। श्री खां के साथ बातचीत के बाद श्री डी.पी. यादव ने कहा था कि अब उनके श्री मुलायम सिंह यादव के साथ सभी मतभेद खत्म हो गये हैं और श्री खां से भी कोई शिकायत नहीं है। श्री यादव ने कहा कि बुलंदशहर के डिबाई से बसपा विधायक भगवान शर्मा को सपा में इसलिये शामिल किया गया, क्योंकि उच्च न्यायालय ने उन्हे आरोपों से बरी कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भ्रष्ट मंत्रियों को निकाला है। निकाले गये मंत्री सपा में आना चाहते हैं, लेकिन उनके लिये कोई जगह नहीं है। भ्रष्टाचार के आरोप में निकाले गये बसपा के मंत्रियों और आपराधिक छवि वालों के लिये सपा के दरवाजे बंद हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी ने अपने सभी विकल्प खुले रखे हैं। सपा यह मानती है कि राज्य की इस खराब स्थिति के लिये बसपा के अलावा कांग्रेस भी बराबर की जिम्मेवार है, क्योंकि केन्द्र में शासन कर रही इस पार्टी ने कभी भी बसपा  सरकार पर अंकुश लगाने की कोशिश नही की। पार्टी चुनाव के बाद किसी गठबंधन के पहले सभी बातों पर विचार करेगी। सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य बहुमत की सरकार बनाना है और इसके लिये पूरा प्रयास जारी है। पार्टी को जिस तरहे समर्थन मिल रहा है उससे लगता है कि सपा अपना लक्ष्य हासिल कर लेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को पूरा बहुमत नहीं मिलता तो सभी विकल्प खुले हैं। श्री यादव ने इस बात से भी इनकार किया कि कांग्रेस के कुछ बडे नेताओं जैसे प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी के खिलाफ सपा ने कमजोर प्रत्याशी दिये हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ छावनी सीट से श्रीमती जोशी के खिलाफ सपा प्रत्याशी मजबूत है और वह जीतेगा। उन्होंने कहा कि साढे चार साल से ज्यादा समय तक भ्रष्टाचार में लिप्त रहे अपने मंत्रियों को हटाकर सुश्री मायावती अब राजनीतिक नाटक कर रही हैं। दिलचस्प है कि भ्रष्ट मंत्रियों से लिये विभाग ऐसे मंत्रियों को दिये जा रहे हैं, जो निकाले गये लोगों से चार कदम आगे हैं। श्री यादव ने कहा कि राज्य की जनता सब समझती है और चुनाव में सुश्री मायावती को सबक सिखायेगी। श्री यादव ने कहा कि सुश्री मायावती के शासनकाल में जनता के हितों की अनदेखी की गयी और उनके धन की लूट हुई।
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विधायक डीपी यादव मुश्किल में फंसे विधायक डीपी यादव मुश्किल में फंसे Reviewed by Sushil Gangwar on January 04, 2012 Rating: 5

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