Top Ad 728x90

  • Sakshatkar.com - Sakshatkar.org तक अगर Film TV or Media की कोई सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. आप मेल के जरिए कोई जानकारी भेजने के लिए mediapr75@gmail.com का सहारा ले सकते हैं.

Sunday, 1 January 2012

बिहार मे भी है एन जी ओ का जाल , करोडो लेते हैं विदेश से




 मदन  तिवारी  ---

बिहार मे भी है एन जी ओ का जाल ,करोडो लेते हैं विदेश से

ऐसा नही है कि बिहार ठगी में पीछे है । विदेशों से एक करोड रुपया से अधिक दान प्राप्त करने वाले एन जी ओ की संख्या ३० है  बिहार में । सबसे ज्यादा १२ एन जी ओ पटना में हैं। उसके बाद ४ मुंगेर में । मुंगेर के चारो एन जी ओ ने योग और धर्म के नाम पर दान लिया है और चारों का कार्यालय मुंगेर के एक हीं क्षेत्र , फ़ोर्ट एरिया गंगा दर्शन , मुंगेर है । यानी कहीं न कहीं इन चारों का अपस में संबंध है । उसी प्रकार भागलपुर के तीन एन जी ओ हैं जिनमें से दो एन जी ओ के कार्यालय का पता एक हीं हैं। चांसरी आफ़िस , नवाब कालोनीभागलपुर । भागलपुर के संगठन ईसाइ हैं ।

 मधुबनी का १रक्सौल का २बेतिया का २जमुई का १पुर्णिया का १सारण का १,बक्सर का १मुजफ़्फ़रपुर का १ और रांची का भी एक संगठन है जिसने खुद को बिहार का बताया है ।

संगठनों की सूची में दलित के नाम पर एन जी ओ चलानेवाले ४-५ संगठन हैंसबसे मजेदार बात है कि फ़ुटपाथी दुकानदार और ठेला खोमचा वालों के नाम पर स्थापितनासवी यानी न्यू एसोशियेशन आफ़ स्ट्रीट वेंडर आफ़ इंडिया नाम के संगठन ने करोडो का पैसा विदेश से लिया है ।

सबसे ज्यादा अगर कहीं सामाजिक काम या शिक्षा का काम हो रहा है तो वह है गया का बोधगया क्षेत्र । आम लोगों की धारणा है कि बोधगया के एन जी ओ विदेशों से करोडो का दान लेते हैं , लेकिन यह गलत है । बोधगया के एक भी एन जी ओ को विदेश से करोड रुपये का दान नहीं प्राप्त हुआ है ।

धार्मिक स्तर पर सबसे ज्यादा विदेश से दान लेने वाले संगठन ईसाई हैंदुसरे नंबर पर हिंदु और दलित संगठन तथा मात्र एक मुस्लिम संगठन जो फ़ुलवारीशरीफ़ में स्थित हैउसे विदेश से दान मिला है ।

विदेश से दान दिलवाने का एक गोरखधंधा हैदलाल मे माध्यम से दान प्राप्त होता है तथा उसके लिये गैरकानूनी तरीके से एक निर्धारित दर पर कमीशन दलाल को देना पडता है । दान प्राप्त करने वाले एन जी ओ की सूची में चार एन जी ओ पटना के हैं जिनकी जांच होनी चाहिये , उसी प्रकार मुंगेर के चारो , भागलपुर के तीनों संगठन की भी जांच होनी चाहिये। बिहार मीडिया ने यहां एन जी ओ की सूची तथा उनके आय व्यय के लेखा को जारी कर दिया है , अब स्थानीय  पत्रकारों का काम हैं , अपने स्तर से जांच करें और इस गोरखधंधे का भंडाफ़ोड करें

0 comments:

Post a Comment

Top Ad 728x90