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पूर्व मंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी के घर से कुख्यात इनामी बदमाश गिरफ्तार



Written by बीपी गौतम

बदायूं : चुनाव से पहले यूपी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पूर्व राज्यमन्त्री और शेखुपूर से कांग्रेस प्रत्याशी भगवान सिंह शाक्य के आवास से कुख्यात बदमाश हरीश पहाड़िया को गिरफ्तार किया गया। पहाड़िया प्रशान्त मर्डर केस में वांछित था और उस पर पंद्रह हजार रूपये का इनाम भी था। पुलिस के लिये एक चुनौती बन चुके हरीश को पकड़ने के लिए बदायूं पुलिस हर हथकन्डे अपना चुकी थी और अंततः आज उसे सफलता मिल गई। इस समय जब चुनावी वक्त पूरे जोर पर है ऐसे में पूर्व राज्यमंत्री के घर से एक अपराधी की गिरफ्तारी ने मंत्री जी को बड़ी परेशानी में डाल दिया है।
उधर हरीश पहाड़िया का कहना है कि वो कई दिनों से पूर्व राज्यमन्त्री के आवास पर ही रह रहा था। हालांकि पूर्व राज्यमन्त्री आरोपी को शरण देने की बात से इन्कार कर रहे हैं और इसे विरोधियों की साजिश बता रहे हैं। शहर के प्रशांत का अपहरण कर उसे मौत के घाट उतारने के मामले में मुख्य आरोपी पंद्रह हजार का ईनामी हरीश पहाड़िया को पुलिस अभी तक इसलिए गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी कि उसका ठिकाना पूर्व राज्यमंत्री और कांग्रेस के विधान सभा प्रत्याशी भगवान सिंह शाक्य के घर था। पुलिस को कई दिनों से उसके ठिकाने की सूचना मिल रही थी, लेकिन पुख्ता सुबूत न होने के कारण वह हाथ नहीं डाल पा रही थी, पर सर्विलांस के जरिए सबूत पुख्ता हो जाने पर पुलिस ने उसे मंत्री के ही घर से गिरफ्तार कर लिया।
कल्यान नगर के रहने वाले अशोक सैनी के बेटे प्रशांत का अपहरण भैया दूज वाले दिन कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं द्वारा मांगी गई फिरौती से उसके परिजनों ने पुलिस की शरण ली। सारा मामला जानने के बाद पुलिस ने उसकी बरामदगी के लिए अपना जाल बिछा दिया। पुलिस इस केस की तह तक नहीं पहुंच पा रही थी। काफी दिनों की मशक्कत के बाद पुलिस ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुर निवासी अशोक मौर्य को गिरफ्तार किया तो पता चला इन लोगों ने प्रशांत को मार दिया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शेखूपुर के पास से ही प्रशांत का शव एक गड्डे से बरामद किया था। अशोक ने इस केस में मास्टर माइंड हरीश पहाड़िया की मुख्य भूमिका बताई थी। अशोक को जेल भेजने के बाद पुलिस के लिए पहाड़िया चुनौती साबित हो रहा था।
इसी दौरान इसके पकडऩे की जिम्मेदारी सीओ सिटी श्रीश चंद्र को दी गई। सीओ ने इसे चेलेंज मानते हुए काम शुरू कर दिया। सीओ सिटी ने पहाडिय़ा का मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखा था, साथ ही मुखबिरों का जाल भी बिछा दिया। कई दिनों से मुखबिर सूचना दे रहे थे कि पहाड़िया पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के घर पर रुका हुआ है। सूचना के साथ कोई पुख्ता सुबूत के हाथ में नहीं थे। लिहाजा वह पूर्व मंत्री के घर दबिश नहीं दे पा रहे थे। चूंकि पहाड़िया का मोबाइल बंद था, इसलिए उसकी मोबाइल लोकेशन भी नहीं मिल पा रही थी। शनिवार सुबह उसकी मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सटीक सूचना पर सीओ सिटी श्री चंद्र ने पुलिस टीम बनाकर भारी फोर्स के साथ दोपहर के वक्त पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के घर छापा मारा, जहां से हरीश पहाड़िया को गिरफ्तार कर लिया गया। इसको गिरफ्तार कर पुलिस थाने ले आई पुलिस ने भगवान सिंह शाक्य के खिलाफ भी अपराधियों को संरक्षण देने का मुकदमा दर्ज किया है।
छावनी बनी पूर्व मंत्री की कोठी
हरीश पहाडिय़ा को गिरफ्तार करने के दौरान पूर्व राज्यमंत्री और कांग्रेस के शेखूपुर के विधान सभा प्रत्याशी भगवान सिंह शाक्य की कोठी पूरी तरह छावनी बनी रही। भारी मात्रा में फिल्मी स्टाइल की तरह पहुंचे फोर्स को देखकर सभी हैरान रहे गए। तलाशी के दौरान पुलिस ने हरीश पहाडिय़ा के बताए सभी ठिकानों पर गहनता से छानबीन की।
फोर्स देख सहम गए सभी
पहाड़िया को गिरफ्तार करने के लिए सिविल लाइन और कोतवाली के अलावा पुलिस लाइन का रिजर्व फोर्स भी लगाया गया था। एक साथ इतना फोर्स देखकर सभी सहम गए, लोगों की समझ में यह नहीं आ रहा था कि यह फोर्स कहां जा रहा है। लोग एक दूसरे से इसके बारे में पूंछने के बाद दूर खड़े होकर नजारा देख रहे थे।
फुर्ती के साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने पहाडिय़ा को गिरफ्तार करने में बहुत ही फुर्ती का काम किया। इसे गिरफ्तार कर पुलिस पूरी चौकसी के साथ गाड़ी में डालकर थाने ले आई। पुलिस की यह फुर्ती देख सभी हैरान रहे गए।
बोला पहाड़िया- बूथ कैप्चरिंग को बुलाया था मुझे
पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के ऊपर उस समय काले बादल छा गए, जब मीडिया के सामने हरीश पहाड़िया ने मुंह खोला। पहाड़िया ने स्पष्ट लफ्जों में बगैर भय के बताया कि उसे पूर्व मंत्री और शेखूपुर से कांग्रेस प्रत्याशी भगवान सिंह शाक्य ने बूथ कैप्चरिंग के लिए बुलाया था। उसके इस बयान ने सभी को हैरत में डाल दिया। बूथ कैप्चरिंग की बात सुनकर पुलिस प्रशासन से लेकर मीडिया जगत में भी हलचल मच गई। हरीश पहाड़िया से प्रशांत को मार देने का कारण पूछा गया तो उसने अपना गुनाह कुबूल लिया। पहाड़िया ने बताया कि छात्र प्रशांत उसकी भांजी से प्यार करता था। यह बात उसे पता चल गई और उसने प्रशांत को ठिकाने लगाने की सोच ली। समस्या यह थी कि उसे प्रशांत कैसे मिले। इसके लिए उसने अपने रिश्तेदार अशोक मौर्या जो इसी केस में जेल में बंद है, का सहारा लिया। चूंकि अशोक और प्रशांत की गहरी दोस्ती थी, इसलिए अशोक के बुलाने पर प्रशांत उनके ठिकाने पर आ गया। दो दिन उसे बंधक बनाए रखने के बाद इन लोगों ने प्रशांत का मर्डर कर दिया। मर्डर करने के बाद इन लोगों ने प्रशांत के परिजनों को गुमराह करने के बाद फिरौती मांगनी शुरू कर दी, लेकिन वह इस चाल में नाकाम रहे।
खाकी का एक कारिंदा भी है मददगार
हरीश पहाड़िया के द्वारा लिखे गए जो पर्चे पुलिस ने प्रशांत के परिजनों से लिए और वही लिखावट के पर्चे जेल में बंद अशोक मौर्या के पास से बरामद होने की बात पर पहाड़िया ने एक खाकीदारी का नाम भी आम कर दिया। उसने बताया कि प्रशांत के परिजनों को पर्चा वही भेजता था और जेल के अंदर बंद इस केस के ही आरोपी अशोक मौर्या को भी पर्चे वही भेजता था। अंदर पर्चा ले जाने का काम जेल के ही एक सिपाही का था, हालांकि पहाड़िया ने उस सिपाही का नाम भी बताया है, लेकिन पुलिस कार्रवाई न होने से उसका नाम गोपनीए रखा गया है।
गैंगस्टर की भी की जाएगी कार्रवाई : पांडेय
प्रभारी एसएसपी परेश पांडेय ने बताया कि हरीश पहाड़िया एक खूंखार अपराधी है। वह किडनैपिंग के साथ साथ लोगों से वसूली भी करता है। श्री पांडेय ने बताया कि पहाड़िया पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के दौरान तबाही फैलाने की थी साजिश
हरीश पहाड़िया के गिरफ्तार होने के बाद उसके बूथ कैप्चरिंग करने के दिए गए बयान ने सभी को हिला के रख दिया। एक ओर भयमुक्त चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग एक दम सख्ती से कार्य कर रहा है, इसका जीता जागता उदाहरण पिछले विधानसभा के चुनाव में दिख गया था। चुनाव आयोग की सख्ती ने पिछले चुनाव में अपराधिक किस्म के लोग पैरामिलिट्री की सख्ती से कुछ भी न कर सके थे, इसी के चलते कहीं से भी बूथ कैपचरिंग की खबर नहीं आई थी।
अब सवाल है कि पूर्व राज्यमंत्री और कांग्रेस से शेखूपुर के विधान सभा प्रत्याशी भगवान सिंह ने इतना बड़ा साहस कैसे कर लिया। पहाड़िया कोई साधारण सा बदमाश नहीं है, उस पर पहले से कई मर्डर जैसे संगीन वारदातों के मुकदमें दर्ज हैं। वह भगवान सिंह के चुनाव को फायदा पहुंचाने के लिए कुछ भी कर सकता था। यह बात उसने मीडिया के सामने खुद स्वीकार की उसने बताया कि वह यहां बीस दिनों से ठहरा हुआ था। उसे एक हजार रुपए रोज का खर्चा मिलता था। उसे चुनाव के दौरान वलबा करना बूथ कैप्चरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर भगवान सिंह के मंसूबों पर पानी फेरने के साथ चुनाव के समय फैलने वाली तबाही को भी रोक लिया
Sabhar:- Bhadas4media.com