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Friday, 23 December 2011

पटेल टीवी वाला ठग रामानुज पटेल





कही  पटेल टीवी के  नाम  पर रामानुज पटेल  ठग आपके शहर में तो ठगी का कारोबार तो नहीं कर रहा है | जरा बच के भाई  ,कही यह शातिर ठग आपके शहर में नया फर्जी चैनल तो नहीं खोल रहा  हो  | आखिर यह कौन है रामानुज पटेल ?


पटेल टीवी के नाम  से लोगो को चूना लगा कर ठगी करने वाला ठग रामानुज पटेल  पहले नॉएडा में रहता था | आज कल कहा  रह रहा है इसकी तलाश बहुत लोग   कर रहे है  |


लोगो को  पत्रकार , एडिटर , स्ट्रिन्गेरशिप , डिरेक्टर बनाने के सपने दिखाकर लूटने  वाला लुटेरा पहले नॉएडा में  पटेल टीवी के नाम से ठगी करता था|  भारतीय विद्या भवन से पत्रकरिता का डिप्लोमा कर चुके रामनुज पटेल इतना शातिर है बड़ा बड़ा इन्सान इसके  झासे में आ जाता है  | आप तस्वीर में देख रहे रामानुज शातिर चोर- ठग देश के बड़े नेता  को पत्रिका दे रहा है  |


रामानुज से मेरी मुलाकात डेल्ही के साइबर कैफे में हुई ,इस शख्स ने अपना नाम रामानुज पटेल  और अपना पता ठिकाना  मध्य प्रदेश बताया | बातो बातो में पता चला की मिया जी पत्रकार है आज कल एक पत्रिका  पटेल कारवा चला रहे है |


 जाति से कुर्मी बताने वाले  रामानुज पटेल समय और मौका देख कर अपना नाम और जाति बदल लेता  है | नॉएडा के लोग रामानुज गुजर बताता था |


सूत्रों के अनुसार रामानुज एक बार  इलेक्शन भी  लड़ चूका  है | जब मेरी  मुलाकात रामानुज  हुई थी तो  मै हिंदुस्तान तिमेस नॉएडा में कार्यरत था | मुझे थोडा सा बंदा अजीव लगा |

जब इसने कहा गुजरात   से टीवी चेंनेल शुरू किया है और पटेल टीवी नाम से डेल्ही में अपना टीवी चेंनेल शुरू करने वाले है |

खैर मै रामानुज को भूल चूका था, एक दिन मेरे फ़ोन की घंटी बज  उठी | उधर से आवाज आयी गंगवार जी नमस्कार, मै बोला भाई कौन ? मै रामानुज पटेल बोल रहा हु | नॉएडा में अपना पटेल टीवी का ऑफिस खोल लिया है  आप अपने दर्शन तो दे जाये, मै बोला भाई कभी सन्डे टाइम निकाल  कर आता हु |

मै   टाइम निकाल कर नॉएडा  पते पर जा पंहुचा |  जहा पर ऑफिस था, वह काफी बड़ी बिल्डिंग थी | मैंने इधर उधर देखा तो  सिक्यूरिटी गार्ड से पूछा तो बोला, पटेल जी पहली मंजिल पर है | मेरा नाम रजिस्टर में दर्ज करवाया  गया |

एक केबिन में चार कुर्सी पड़ी थी सामने रामानुज पटेल  विराजमान थे | एक दो अन्य लोगो से मेरा परिचय करवाया  गया | मुझे थोडा सा शक हुआ यह फटीचर आदमी   टीवी चेंनेल कैसे खोल सकता है | मैंने भी मजाक में कह दिया भाई मुझे भी नौकरी दे दो ?

रामानुज का चेहरा खिल उठा ,वह बोले आप हिंदुस्तान तिमेस में है मै बोला यार वो नौकरी छूट गयी है | मैंने १० दिन की  छुट्टी अपने ऑफिस ली और  पटेल टीवी ज्वाइन कर लिया | सोचा चलो देखो  आखिर लफड़ा है क्या ?

अब तक ऑफिस में  सात फ़ोन लग चुके थे कुछ कुर्सी मेज की संख्या बढ चुकी थी | हर रोज ऑफिस में लोग आते तो कभी रामानुज पटेल नीचे से ऊपर तक पूरी बिल्डिंग घुमाते और  चाय पानी पिलाकर विदा कर देते थे |

रामानुज हमें चूतिया समझ रहे था |  रामानुज ने कहा  गंगवार जी आज लगड़ा डिरेक्टर आने वाला है | जब मेरी मुलाकात ४२० डिरेक्टर हुयी तो पहली नजर में भाप गया , दाल में काला है |  लम्बी लम्बी  छोड़ने वाला लगड़ा मुझे देख कर खुश हुआ |

दो दिन बाद एक तिवारी जी  आ  गए और पता चला तिवारी जी भी पटेल टीवी के  डिरेक्टर है |  मै समझ चुका  था | यह सब  चोर है जो मीडिया के नाम लोगो को चूतिया बना रहे है और मोटा माल कमाकर भागने वाले है |

एक दिन  डेल्ही की ठण्ड में जल्दी ऑफिस पंहुचा तो रामानुज , लगड़ा , तिवारी देख कर सकपका गए, बोले अरे  गंगवार जी इतनी जल्दी आ गए |  तीनो ऑफिस  की  बिल्डिंग में गन्दी सी रजाई में लिपटे हुए थे | मै रामानुज पटेल को बोला ,भाई तुम चैनल खोलने की बात करते हो परन्तु कुछ बात  हजम नहीं होती है |

आपकी कंपनी का एम् डी ठण्ड से काप रहा है इसके पास पैसे नहीं है कही होटल में जाके ठहर जाये | फिर   एक दिन फ़ोन आया और  फ़ोन मैंने  उठाया  ,मैंने जैसे ही हेल्लो कहा  तो उधर से   माँ की ,बहन की, बीबी की ,बेटी की गलिया सुनाई दे रही थी , मै बोला भाई आखिर क्यों गालिया दे रहे हो ,किसको दे रहे हो  | वह बोला अरे साला वो रामानुज और लगड़ा कहा है |

साले हरामी मेरी बुलेरो गाडी किराये पर ले गये |  अभी तक नहीं दी है | मै बोला अरे चाचा तुम्हारी बुलेरो तो नीचे ऑफिस में पार्क है | यह लगड़ा साला चोर है अभी जेल से छूटा है पेपर लीक करवाने के चक्कर में जेल गया था | वह रामानुज तो सबसे बड़ा चोर है

 पहले भी मध्य प्रदेश से   घपला करके भागा है| मै बोला तुमे जब जानकारी थी तो बुलेरो दी क्यों , वह बोला   मुझे तो बाद में पता चला यह सब  चोर है | एक महीना से गाडी गायब है | अरे इनको  नयी गाडी दी  थी , गाडी लेते वक़्त बोले थे केवल गुजरात में चलायेगे मगर साले गाडी चलाते चलाते डेल्ही नॉएडा ले गए | मै तो लुट गया | मै बोला भाई रिपोर्ट लिखा दे गाडी चोरी हो गयी है  |

भाई थोड़ी देर बाद रामानुज और लगड़ा डिरेक्टर आया तो पूरी कहानी सुना मारी | लगड़ा जोर जोर से हसने लगा और रामानुज मेरी सूरत देख रहा था | अगले दिन रामानुज और लगड़ा  अपना सामान लेकर भागने लगे , मै बोला क्या टीवी चैनल शुरू हो गया | रामानुज बोले गंगवार जी अपना ऑफिस बदलना  पड़ेगा  | कही यह शातिर ठग आपके शहर में तो नहीं जरा होशियार ?





यह लेख  साक्षात्कार.कॉम - साक्षात्कार.ओर्ग , साक्षात्कार टीवी.कॉम   संपादक सुशील गंगवार   ने लिखा है जो पिछले ११ साल से प्रिंट मीडिया , वेब मीडिया , इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए काम कर रहे है उनसे संपर्क  ०९१६७६१८८६६  पर करे |

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