हिंदीभाषी समाचार पत्रों ने सबको पीछे छोड़ा


नई दिल्ली। देश का प्रिंट मीडिया उद्योग लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है और पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष में इसमें 6.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी इस बात का पुख्ता सबूत है। देश में प्रेस की स्थिति के संबंध में जारी 55वीं वार्षिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रिंट मीडिया दिनोंदिन तरक्की कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार समाचारपत्रों के प्रकाशन के मामले में हिन्दी सभी भाषाओं पर भारी है।
चालू वित्त वर्ष में प्रकाशित हो रहे हिन्दी समाचारपत्रों की संख्या 7,910 है। एक हजार 406 समाचारपत्रों के प्रकाशन के साथ अंग्रेजी दूसरे स्थान पर और 938 समाचारपत्रों के साथ उर्दू तीसरे स्थान पर है। समाचारपत्रों के पंजीयक टी. जयराज की ओर से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव उदय कुमार वर्मा को पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजराती के 761, तेलुगु के 603, मराठी के 521, बांग्ला के 472, तमिल 272, ओडिया 245, कन्नड 200 और मलयालम के 192 समाचारपत्र प्रकाशित हो रहे हैं।
प्रसार संख्या के मामले में भी हिन्दी के अखबार अव्वल हैं। हिन्दी अखबारों की कुल प्रसार संख्या 15 करोड़ 54 लाख 94 हजार 770 है, जबकि अंग्रेजी के समाचारपत्रों की कुल प्रसार संख्या दो करोड़ 16 लाख 39 हजार 230 प्रतियां हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में पंजीकृत समाचारपत्रों की कुल संख्या 82 हजार 237 है और पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 6.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साभार : वार्ता
हिंदीभाषी समाचार पत्रों ने सबको पीछे छोड़ा हिंदीभाषी समाचार पत्रों ने सबको पीछे छोड़ा Reviewed by Sushil Gangwar on December 30, 2011 Rating: 5

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