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Friday, 30 December 2011

पाकिस्‍तानी पत्रकार को सेना ने दी धमकी


दिल्ली। लोकतंत्र में सेना की भूमिका का लगातार विरोध करने वाले वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने अपने टीवी टॉक शो में खुलासा किया है कि उन्हें लगातार धमकी मिल रही है। उनका इशारा सेना की ओर था। नजम सेठी मानते हैं कि पाकिस्तानी जनता को झूठी जानकारी दी जाती है। पाकिस्तान 71 की जंग में बुरी तरह हारा था। 1965 और कारिगल की जंग में भी उसकी हार हुई थी। इसकी सारी जिम्मेदारी सेना की है। जबकि पाकिस्तान के लोगों को बरगलाया जाता है कि 65 की जंग में पाकिस्तान जीता था।
सेठी ने कहा है कि उन्हें धमकी भरे कई संदेश मिले हैं। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें धमकी भरे संदेश मिलने बंद नहीं हुए तो वे इसके लिए जिम्मेदार संगठन और अधिकारियों के नाम का खुलासा कर देंगे। किसी खुफिया एजेंसी का नाम लिए बगैर सेठी ने बुधवार की रात प्रसारित अपने शो में कहा कि मुझे धमकी देने वाले कई अन्य वरिष्ठ पत्रकारों को धमकी देने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार धमकी की बात को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे इस मुद्दे पर अस्थिरता नहीं फैलाना चाहते, लेकिन अब समय आ गया है कि पत्रकार बिरादरी सामने आए और इस बात को सार्वजनिक रूप से कहे। सेठी ने कहा कि अब वह युग नहीं रहा है, जब खुफिया अधिकारी अपने ही लोगों को धमकी दिया करते थे। अब इस तरह की बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
सेठी ने यह खुलासा पत्रकार हामिद मीर के उस बयान के एक सप्ताह बाद किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों की ओर से धमकी दी जा रही है। साप्ताहिक ‘द फ्राइडे टाइम्स’ के प्रधान संपादक सेठी को पहले भी सुरक्षा एजेंसियां परेशान करती रही हैं। कुछ माह पहले भी सेठी और उनके परिवार के लोगों को धमकियां मिली थी। इस वजह से उन्हें कुछ महीने अमेरिका में रहना पड़ा था। हाल ही में वे अमेरिका से लौटे हैं। सूत्रों के अनुसार पिछले पांच साल में पाकिस्तान में 29 पत्रकारों की हत्या हुई है। इनमें से अधिकांश को उनकी रिपोर्ट और लेख के लिए निशाना बनाया गया है। इस साल मई में पत्रकार सैयद सलीम शहजाद का अपहरण कर लिया गया था। बाद में इस्‍लामाबाद में उनकी हत्या कर दी गई थी। इससे दो दिन पूर्व उन्होंने एक लेख लिखा था, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तानी नौसेना में अल-कायदा के लोग घुस गए हैं। साभार : ओआईएच

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